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रामचरितमानस
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सुन्दरकाण्ड · छंद
सुन्दरकाण्ड के छंद
6 पद · हर पद का मूल पाठ, PDF भावार्थ और शब्द-दर-शब्द अर्थ अलग पृष्ठ पर।
दोहा (63)
चौपाई (271)
श्लोक (3)
पूरा काण्ड पढ़ें
छंद
कनक कोट बिचित्र मनि कृत
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छंद
बन बाग उपबन बाटिका सर
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छंद
करि जतन भट कोटिन्ह बिकट
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छंद
चिक्करहिं दिग्गज डोल महि गिरि
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छंद
सहि सक न भार उदार
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छंद
निज भवन गवनेउ सिंधु श्रीरघुपतिहि
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