उत्तरकाण्ड · दोहा · पृष्ठ 5

उत्तरकाण्ड के दोहे — पृष्ठ 5

203 पद · इस पृष्ठ पर 201–203 · हर पद का मूल पाठ, PDF भावार्थ और शब्दार्थ अलग पृष्ठ पर।

  1. 201 दोहा 127सो कुल धन्य उमा सुनु
  2. 202 दोहा 128राम चरन रति जो चह
  3. 203 दोहा 129मैं कृतकृत्य भइउँ अब तव