किष्किन्धाकाण्ड · छंद · छंद
कपि सेन संग सँघारि निसिचर रामु सीतहि आनिहैं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवानरोंकी सेना साथ लेकर राक्षसोंका संहार करके श्रीरामजी सीताजीको ले आयेंगे। तब देवता और नारदादि मुनि भगवान्के तीनों लोकोंको पवित्र करनेवाले सुन्दर यशका बखान करेंगे, जिसे सुनने, गाने, कहने और समझनेसे मनुष्य परमपद पाते हैं और जिसे श्रीरघुवीरके चरणकमलका मधुकर (भ्रमर) तुलसीदास गाता है।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 711 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कपि सेन संग सँघारि निसिचर रामु सीतहि आनिहैं।
त्रैलोक पावन सुजसु सुर मुनि नारदादि बखानिहैं।।
जो सुनत गावत कहत समुझत परम पद नर पावई।
रघुबीर पद पाथोज मधुकर दास तुलसी गावई।।
स्रोत अभिलेख 4.3 · पुस्तक पृ. 710, 711
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1कपि सेन संग सँघारि निसिचर रामु सीतहि आनिहैं।
English explanation
With the monkey army, Rama will destroy the demons and bring Sita back.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपि | वानर | monkey |
| सेन | सेना | army |
| संग | के साथ | with |
| सँघारि | संहार करके | having destroyed |
| निसिचर | राक्षसों को | the demons |
| रामु | राम | Rama |
| सीतहि | सीता को | Sita |
| आनिहैं | ले आएँगे | will bring back |
2 त्रैलोक पावन सुजसु सुर मुनि नारदादि बखानिहैं।।
English explanation
The gods and sages such as Narada will celebrate his glorious fame, which sanctifies the three worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| त्रैलोक | तीनों लोकों को | the three worlds |
| पावन | पवित्र करने वाला | sanctifying |
| सुजसु | सुंदर यश | glorious fame |
| सुर | देवता | gods |
| मुनि | मुनि | sages |
| नारदादि | नारद और अन्य | Narada and others |
| बखानिहैं | वर्णन करेंगे | will celebrate |
3 जो सुनत गावत कहत समुझत परम पद नर पावई।
English explanation
By hearing, singing, recounting, and understanding that glory, a person attains the supreme state.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जिस यश को | which glory |
| सुनत | सुनने से | by hearing |
| गावत | गाने से | by singing |
| कहत | कहने से | by recounting |
| समुझत | समझने से | by understanding |
| परम | सर्वोच्च | supreme |
| पद | अवस्था; मुक्ति का पद | state; liberation |
| नर | मनुष्य | a person |
| पावई | प्राप्त करता है | attains |
4 रघुबीर पद पाथोज मधुकर दास तुलसी गावई।।
English explanation
The servant Tulsi, like a bee at Rama’s lotus feet, sings this glory.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम | Rama, hero of Raghu’s lineage |
| पद | चरण | feet |
| पाथोज | कमल | lotus |
| मधुकर | भौंरा | bee |
| दास | सेवक | servant |
| तुलसी | कवि तुलसीदास | the poet Tulsidas |
| गावई | गाते हैं | sings |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 4.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 711
- सहायक विषय
- समुद्र लाँघनेका परामर्श, जाम्बवन्तका हनुमान्जीको बल याद दिलाकर उत्साहित करना · श्रीरामगुणका माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 710, 711
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।