उत्तरकाण्ड · दोहा 11 (ग) · दोहा
सुनु खगेस तेहि अवसर ब्रह्मा सिव मुनि बृंद।
सुनु खगेस तेहि अवसर ब्रह्मा सिव मुनि बृंद।
चढ़ि बिमान आए सब सुर देखन सुखकंद॥ ११ (ग) ॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.11 · पुस्तक पृ. 918, 918
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सुनु खगेस तेहि अवसर ब्रह्मा सिव मुनि बृंद।
एआई प्रारूप: हे पक्षिराज गरुड़, सुनो! उस अवसर पर ब्रह्मा, शिव और मुनियों के समूह—
English explanation
AI draft: Listen, O Garuda, king of birds! On that occasion, Brahma, Shiva, and groups of sages—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| खगेस | हे पक्षिराज गरुड़ | O Garuda, king of birds |
| तेहि | उस | that |
| अवसर | अवसर पर | on the occasion |
| ब्रह्मा | ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता देव | Brahma, the creator deity |
| सिव | शिव | Shiva |
| मुनि | मुनियों के | of sages |
| बृंद | समूह | groups |
2चढ़ि बिमान आए सब सुर देखन सुखकंद॥ ११ (ग) ॥
एआई प्रारूप: और सभी देवता विमानों पर चढ़कर सुख के मूल स्रोत राम को देखने आए।
English explanation
AI draft: And all the gods came aboard celestial vehicles to behold Rama, the source of joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चढ़ि | चढ़कर | having boarded |
| बिमान | विमानों पर | celestial vehicles |
| आए | आए | came |
| सब | सभी | all |
| सुर | देवता | gods |
| देखन | देखने के लिए | to behold |
| सुखकंद | सुख के मूल स्रोत राम को | Rama, the source of joy |
| ग | संदर्भ-चिह्न (ग) | reference marker (ga) |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 11 (ग)
- स्रोत अभिलेख
- 7.11
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 918, 918
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।