उत्तरकाण्ड · दोहा 11 (ख) · दोहा
राम बाम दिसि सोभति रमा रूप गुन खानि।
राम बाम दिसि सोभति रमा रूप गुन खानि।
देखि मातु सब हरषीं जन्म सुफल निज जानि॥ ११ (ख)॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.11 · पुस्तक पृ. 918, 918
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1राम बाम दिसि सोभति रमा रूप गुन खानि।
एआई प्रारूप: सौंदर्य और गुणों की खान रमा-स्वरूपा सीता राम की बाईं ओर शोभित हैं।
English explanation
AI draft: Sita, as Rama (Lakshmi), a treasury of beauty and virtues, shines at Rama’s left.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम की | of Rama |
| बाम | बाईं | left |
| दिसि | ओर | side |
| सोभति | शोभित हैं | shines |
| रमा | लक्ष्मी-स्वरूपा सीता | Sita as Lakshmi |
| रूप | सौंदर्य | beauty |
| गुन | गुणों की | of virtues |
| खानि | खान; भंडार | mine; treasury |
2देखि मातु सब हरषीं जन्म सुफल निज जानि॥ ११ (ख)॥
एआई प्रारूप: यह देखकर सभी माताएँ अपना जन्म सफल मानकर हर्षित हुईं।
English explanation
AI draft: Seeing this, all the mothers rejoiced, considering their own birth fulfilled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| मातु | माताएँ | mothers |
| सब | सभी | all |
| हरषीं | हर्षित हुईं | rejoiced |
| जन्म | जन्म | birth |
| सुफल | सफल; सार्थक | fulfilled; worthwhile |
| निज | अपना | their own |
| जानि | मानकर | considering |
| ख | संदर्भ-चिह्न (ख) | reference marker (kha) |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 11 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 7.11
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 918, 918
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