उत्तरकाण्ड · दोहा 49 · दोहा
नाथ एक बर मागउँ राम कृपा करि देहु।
नाथ एक बर मागउँ राम कृपा करि देहु।
जन्म जन्म प्रभु पद कमल कबहुँ घटै जनि नेहु॥ ४९॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.49 · पुस्तक पृ. 955, 955
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1नाथ एक बर मागउँ राम कृपा करि देहु।
एआई-प्रारूप अर्थ: हे नाथ राम! मैं एक वर माँगता हूँ; कृपा करके दीजिए।
English explanation
AI-draft meaning: O Lord Rama, I ask for one boon; graciously grant it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी! | O Lord! |
| एक | एक | one |
| बर | वरदान | boon |
| मागउँ | मैं माँगता हूँ | I ask for |
| राम | हे राम! | O Rama! |
| कृपा | कृपा | kindness |
| करि | करके | having shown |
| देहु | दीजिए | please grant |
2जन्म जन्म प्रभु पद कमल कबहुँ घटै जनि नेहु॥ ४९॥
एआई-प्रारूप अर्थ: जन्म-जन्म में, हे प्रभु, आपके चरण-कमलों के प्रति मेरा प्रेम कभी कम न हो।
English explanation
AI-draft meaning: Birth after birth, O Lord, may my love for your lotus feet never diminish.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जन्म | जन्म | birth |
| जन्म | हर जन्म में | after birth |
| प्रभु | हे स्वामी! | O Lord! |
| पद | चरण | feet |
| कमल | कमल-सदृश | lotus-like |
| कबहुँ | कभी भी | ever |
| घटै | कम हो | diminish |
| जनि | न | not |
| नेहु | प्रेम | love |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 49
- स्रोत अभिलेख
- 7.49
- सहायक विषय
- श्रीराम-वसिष्ठ-संवाद, श्रीरामजीका भाइयोंसहित अमराईमें जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 955, 955
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