मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड 7.49
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चौपाई
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| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| वही व्यक्ति | that very person | |
| सब जानने वाला | all-knowing | |
| तत्त्व को जानने वाला | knower of truth | |
| वही व्यक्ति | that very person | |
| विद्वान | learned | |
| वही व्यक्ति | that very person | |
| गुणों का | of virtues | |
| घर या आश्रय | home or abode | |
| अनुभूत तत्त्वज्ञान | realized knowledge | |
| अखंड | undivided and complete |
भावार्थ
वही सर्वज्ञ, वही तत्त्वज्ञ और पंडित है; वही गुणों का घर है और उसका अनुभूत ज्ञान अखंड है—जिसका वर्णन अगली पंक्ति में है। (‘तग्य’ का अर्थ संदर्भाधारित और अनिश्चित है।)
That person is all-knowing, a knower of truth and learned; that person is a home of virtues, with undivided realized knowledge—as identified in the next line. (The reading तग्य is uncertain.)
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| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दक्ष या कुशल | capable or skillful | |
| सभी | all | |
| शुभ लक्षणों | auspicious qualities | |
| से युक्त | endowed with | |
| वही व्यक्ति | that very person | |
| जिसके भीतर | in whom | |
| आपके चरण | your feet | |
| कमल | lotus | |
| प्रेम | love | |
| होता है | exists |
भावार्थ
वही दक्ष और सभी शुभ लक्षणों से युक्त है, जिसके हृदय में आपके कमल-समान चरणों के प्रति प्रेम है।
That person alone is capable and endowed with every auspicious quality who has love for your lotus feet.
दोहा · पृ. 956
नाथ एक बर मागउँ राम कृपा करि देहु।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी! | O Lord! |
| एक | एक | one |
| बर | वरदान | boon |
मागउँटिप्पणीप्रथम पुरुष एकवचन क्रिया। / First-person singular verb. | मैं माँगता हूँ | I ask for |
| राम | हे राम! | O Rama! |
| कृपा | कृपा | kindness |
करिटिप्पणी‘कृपा करि’ का अर्थ ‘कृपा करके’ है। / Together with कृपा: ‘graciously’. | करके | having shown |
| देहु | दीजिए | please grant |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: हे नाथ राम! मैं एक वर माँगता हूँ; कृपा करके दीजिए।
AI-draft meaning: O Lord Rama, I ask for one boon; graciously grant it.
जन्म जन्म प्रभु पद कमल कबहुँ घटै जनि नेहु॥ ४९॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
जन्मटिप्पणीअगले ‘जन्म’ के साथ पुनरावृत्ति: ‘जन्म-जन्म में’। / Repeated with the next token: ‘birth after birth’. | जन्म | birth |
जन्मटिप्पणीदोनों ‘जन्म’ मिलकर प्रत्येक जन्म का भाव देते हैं। / The repetition conveys ‘in every birth’. | हर जन्म में | after birth |
| प्रभु | हे स्वामी! | O Lord! |
| पद | चरण | feet |
कमलटिप्पणी‘पद कमल’ अर्थात कमल-सदृश चरण। / पद कमल means ‘lotus feet’. | कमल-सदृश | lotus-like |
| कबहुँ | कभी भी | ever |
| घटै | कम हो | diminish |
जनिटिप्पणीनिषेधसूचक: ‘कभी कम न हो’। / Negative particle: ‘may never diminish’. | न | not |
| नेहु | प्रेम | love |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: जन्म-जन्म में, हे प्रभु, आपके चरण-कमलों के प्रति मेरा प्रेम कभी कम न हो।
AI-draft meaning: Birth after birth, O Lord, may my love for your lotus feet never diminish.