उत्तरकाण्ड · दोहा 50 · दोहा
तेहिं अवसर मुनि नारद आए करतल बीन।
तेहिं अवसर मुनि नारद आए करतल बीन।
गावन लगे राम कल कीरति सदा नबीन॥ ५०॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.5 · पुस्तक पृ. 956, 956
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1तेहिं अवसर मुनि नारद आए करतल बीन।
उसी अवसर पर मुनि नारद हाथ में वीणा लिए आए।
English explanation
At that moment, the sage Narada arrived with a veena in hand.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उसी | that very |
| अवसर | अवसर पर | at the moment |
| मुनि | मुनि; ऋषि | sage |
| नारद | देवर्षि नारद | Narada, the divine sage |
| आए | आए | arrived |
| करतल | हथेली में; हाथ में | in his palm; in hand |
| बीन | वीणा | veena, a stringed instrument |
2गावन लगे राम कल कीरति सदा नबीन॥ ५०॥
वे राम की सुंदर, सदा नवीन कीर्ति गाने लगे।
English explanation
He began to sing Rama’s beautiful, ever-fresh glory.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गावन | गाने | to sing |
| लगे | लगे; आरंभ किया | began |
| राम | राम की | Rama’s |
| कल | सुंदर; मनोहर | beautiful; lovely |
| कीरति | कीर्ति; यश | glory; renown |
| सदा | सदा; हमेशा | always; ever |
| नबीन | नवीन; नया | fresh; new |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 50
- स्रोत अभिलेख
- 7.5
- सहायक विषय
- नारदजीका आना और स्तुति करके ब्रह्मलोकको लौट जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 956, 956
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।