उत्तरकाण्ड · छंद · छंद
श्री सहित दिनकर बंस भूषन काम बहु छबि सोहई।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीसीताजीसहित सूर्यवंशके विभूषण श्रीरामजीके शरीरमें अनेकों कामदेवोंकी छबि शोभा दे रही है। नवीन जलयुक्त मेघोंके समान सुन्दर श्याम शरीरपर पीताम्बर देवताओंके मनको भी मोहित कर रहा है। मुकुट, बाजूबंद आदि विचित्र आभूषण अङ्ग-अङ्गमें सजे हुए हैं। कमलके समान नेत्र हैं, चौड़ी छाती है और लंबी भुजाएँ हैं; जो उनके दर्शन करते हैं, वे मनुष्य धन्य हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 920 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
श्री सहित दिनकर बंस भूषन काम बहु छबि सोहई।
नव अंबुधर बर गात अंबर पीत सुर मन मोहई॥
मुकुटांगदादि बिचित्र भूषन अंग अंगन्हि प्रति सजे।
अंभोज नयन बिसाल उर भुज धन्य नर निरखंति जे॥
स्रोत अभिलेख 7.12 · पुस्तक पृ. 919, 919
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1श्री सहित दिनकर बंस भूषन काम बहु छबि सोहई।
English explanation
Rama, the ornament of the solar dynasty, shines beside Sita with the beauty of many gods of love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| श्री | श्री, यहाँ सीताजी | Sita, here designated as Shri |
| सहित | साथ, सहित | together with |
| दिनकर | सूर्य | the sun |
| बंस | वंश | dynasty; lineage |
| भूषन | भूषण, गौरव बढ़ाने वाले राम | ornament, Rama who glorifies the dynasty |
| काम | कामदेव | the god of love |
| बहु | अनेक, बहुत | many |
| छबि | सुंदरता, छटा | beauty; radiance |
| सोहई | शोभित होते हैं | shines; appears splendid |
2नव अंबुधर बर गात अंबर पीत सुर मन मोहई॥
English explanation
His beautiful body resembles a fresh rain cloud, and his garments are yellow; he captivates the gods’ hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नव | नया, ताजा | new; fresh |
| अंबुधर | वर्षा का मेघ | rain cloud |
| बर | सुंदर, उत्तम | beautiful; excellent |
| गात | शरीर | body |
| अंबर | वस्त्र | garments |
| पीत | पीले | yellow |
| सुर | देवताओं के | of the gods |
| मन | मन | hearts; minds |
| मोहई | मोह लेते हैं | captivates |
3मुकुटांगदादि बिचित्र भूषन अंग अंगन्हि प्रति सजे।
English explanation
A crown, armlets, and other splendid ornaments adorn every part of his body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुकुटांगदादि | मुकुट, बाजूबंद आदि | a crown, armlets, and other ornaments |
| बिचित्र | विविध और सुंदर | varied and splendid |
| भूषन | आभूषण | ornaments |
| अंग | अंग | limb; bodily part |
| अंगन्हि | अंगों पर | on the bodily parts |
| प्रति | प्रत्येक पर | on each |
| सजे | सजे हुए हैं | are arrayed; adorn |
4अंभोज नयन बिसाल उर भुज धन्य नर निरखंति जे॥
English explanation
His eyes are lotus-like, his chest and arms broad; blessed are those who behold him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अंभोज | कमल जैसे | lotus-like |
| नयन | नेत्र | eyes |
| बिसाल | विशाल, बड़े | broad; large |
| उर | वक्षस्थल | chest |
| भुज | भुजाएँ | arms |
| धन्य | धन्य, सौभाग्यशाली | blessed; fortunate |
| नर | मनुष्य, लोग | people |
| निरखंति | देखते हैं, निहारते हैं | behold |
| जे | जो | who |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 7.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 920
- सहायक विषय
- राम-राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 919, 919
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।