उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनु खगेस रघुपति प्रभुताई। कहउँ जथामति कथा सुहाई।।
मूल पाठ
सुनु खगेस रघुपति प्रभुताई। कहउँ जथामति कथा सुहाई।।
जेहि बिधि मोह भयउ प्रभु मोही। सोउ सब कथा सुनावउँ तोही।।
स्रोत अभिलेख 7.74 · पुस्तक पृ. 977, 977
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे पक्षिराज गरुडज़ी! श्रीरघुनाथजीकी प्रभुता सुनिये। मैं अपनी बुद्धिके अनुसार वह सुहावनी कथा कहता हूँ। हे प्रभो! मुझे जिस प्रकार मोह हुआ, वह सब कथा भी आपको सुनाता हूँ॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 977 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनु खगेस रघुपति प्रभुताई। कहउँ जथामति कथा सुहाई।।
English explanation
Listen, Garuda, king of birds, to Lord Rama’s sovereign greatness. I tell this lovely tale as best my understanding allows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनिए | listen |
| खगेस | हे पक्षिराज गरुड़ | O Garuda, king of birds |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम की | of Rama, lord of the Raghu lineage |
| प्रभुताई | प्रभुता; महान सामर्थ्य | sovereign greatness; mighty power |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I tell |
| जथामति | अपनी बुद्धि के अनुसार | according to my understanding |
| कथा | कथा | tale |
| सुहाई | सुंदर और मनभावनी | lovely and pleasing |
2 जेहि बिधि मोह भयउ प्रभु मोही। सोउ सब कथा सुनावउँ तोही।।
English explanation
My lord, I will also tell you the whole story of how I fell into delusion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिस | in which |
| बिधि | प्रकार | manner |
| मोह | मोह; भ्रम | delusion |
| भयउ | हुआ | arose |
| प्रभु | हे प्रभु; आदरणीय गरुड़ | my lord; respected Garuda |
| मोही | मुझे | to me |
| सोउ | वह भी | that too |
| सब | सारी | entire |
| कथा | कथा | story |
| सुनावउँ | मैं सुनाता हूँ | I recount |
| तोही | आपको | to you |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.74
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 977
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 977, 977
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।