उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुजस पुरान बिदित निगमागम। गावत सुर मुनि संत समागम।।
मूल पाठ
सुजस पुरान बिदित निगमागम। गावत सुर मुनि संत समागम।।
कारुनीक ब्यलीक मद खंडन। सब बिधि कुसल कोसला मंडन।।
स्रोत अभिलेख 7.51 · पुस्तक पृ. 957, 957
भावार्थ
मूल पाठ के बादआपका सुन्दर यश पुराणों, वेदोंमें और तन्त्रादि शास्त्रोंमें प्रकट है। देवता, मुनि और संतोंके समुदाय उसे गाते हैं। आप करुणा करनेवाले और झूठे मदका नाश करनेवाले, सब प्रकारसे कुशल (निपुण) श्रीअयोध्याजीके भूषण ही हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 957 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुजस पुरान बिदित निगमागम। गावत सुर मुनि संत समागम।।
English explanation
Your noble glory is celebrated in the Puranas, Vedas, and Agamas; gods, sages, and gatherings of saints sing it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुजस | उत्तम कीर्ति | noble glory |
| पुरान | पुराणों में | in the Puranas |
| बिदित | प्रसिद्ध | well known |
| निगमागम | वेदों और आगमों में | in the Vedas and Agamas |
| गावत | गाते हैं | sing |
| सुर | देवता | gods |
| मुनि | ऋषि | sages |
| संत | संतों के | of saints |
| समागम | समागम या सभाएँ | gatherings or assemblies |
2 कारुनीक ब्यलीक मद खंडन। सब बिधि कुसल कोसला मंडन।।
English explanation
You are compassionate, destroy deceit and arrogance, are accomplished in every way, and adorn the land of Kosala.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कारुनीक | करुणामय | compassionate |
| ब्यलीक | कपट या असत्य | deceit or falsehood |
| मद | अहंकार | arrogance |
| खंडन | नाश करने वाले | destroyer |
| सब | हर | every |
| बिधि | प्रकार से | in manner or respect |
| कुसल | कुशल, निपुण | accomplished, adept |
| कोसला | कोसल देश की | of the land of Kosala |
| मंडन | शोभा बढ़ाने वाले | one who adorns |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.51
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 957
- सहायक विषय
- नारदजीका आना और स्तुति करके ब्रह्मलोकको लौट जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 957, 957
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।