उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सारद कोटि अमित चतुराई। बिधि सत कोटि सृष्टि निपुनाई।।
मूल पाठ
सारद कोटि अमित चतुराई। बिधि सत कोटि सृष्टि निपुनाई।।
बिष्नु कोटि सम पालन कर्ता। रुद्र कोटि सत सम संहर्ता।।
स्रोत अभिलेख 7.92 · पुस्तक पृ. 994, 994
भावार्थ
मूल पाठ के बादउनमें अनन्तकोटि सरस्वतियोंके समान चतुरता है। अरबों ब्रह्माओंके समान सृष्टिरचनाकी निपुणता है। वे करोड़ों विष्णुओंके समान पालन करनेवाले और अरबों रुद्रोंके समान संहार करनेवाले हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 994 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1सारद कोटि अमित चतुराई। बिधि सत कोटि सृष्टि निपुनाई।।
English explanation
The Lord’s intellectual skill equals that of countless millions of Sarasvatis, and his mastery of creation equals that of a billion Brahmas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सारद | विद्या की देवी सरस्वती | Sarasvati, goddess of learning |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| अमित | असंख्य; अपरिमित | countless; immeasurable |
| चतुराई | बुद्धि-कुशलता | intellectual skill |
| बिधि | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| सत | सौ | one hundred |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| सृष्टि | सृष्टि-रचना | creation |
| निपुनाई | निपुणता; दक्षता | mastery; expertise |
2 बिष्नु कोटि सम पालन कर्ता। रुद्र कोटि सत सम संहर्ता।।
English explanation
The Lord sustains like ten million Vishnus and brings about dissolution like a billion Rudras.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिष्नु | पालनकर्ता देव विष्णु | Vishnu, the sustaining deity |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| सम | के समान | like; equal to |
| पालन | पालन-पोषण; संरक्षण | sustenance; preservation |
| कर्ता | करने वाले | one who performs |
| रुद्र | संहारकर्ता रुद्र, शिव | Rudra, Shiva as destroyer |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| सत | सौ | one hundred |
| सम | के समान | like; equal to |
| संहर्ता | संहार करने वाले | one who destroys or dissolves |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.92
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 994
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 994, 994
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।