उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हिमगिरि कोटि अचल रघुबीरा। सिंधु कोटि सत सम गंभीरा।।
मूल पाठ
हिमगिरि कोटि अचल रघुबीरा। सिंधु कोटि सत सम गंभीरा।।
कामधेनु सत कोटि समाना। सकल काम दायक भगवाना।।
स्रोत अभिलेख 7.92 · पुस्तक पृ. 994, 994
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरघुवीर करोड़ों हिमालयोंके समान अचल (स्थिर) हैं और अरबों समुद्रोंके समान गहरे हैं। भगवान् अरबों कामधेनुओंके समान सब कामनाओं (इच्छित पदार्थों) के देनेवाले हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 994 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1हिमगिरि कोटि अचल रघुबीरा। सिंधु कोटि सत सम गंभीरा।।
English explanation
Rama, the hero of Raghu’s lineage, is as steadfast as ten million Himalayas and as profound as a billion oceans.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हिमगिरि | हिमालय पर्वत | the Himalaya mountain |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| अचल | अडिग; स्थिर | steadfast; immovable |
| रघुबीरा | रघुकुल के वीर राम | Rama, hero of Raghu’s lineage |
| सिंधु | समुद्र | oceans |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| सत | सौ | one hundred |
| सम | के समान | like; equal to |
| गंभीरा | गहरे; गंभीर | deep; profound |
2 कामधेनु सत कोटि समाना। सकल काम दायक भगवाना।।
English explanation
Like a billion wish-fulfilling cows, the Lord grants everything desired.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कामधेनु | इच्छाएँ पूरी करने वाली दिव्य गाय | the divine wish-fulfilling cow |
| सत | सौ | one hundred |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| समाना | के समान | like; equal to |
| सकल | सभी | all |
| काम | इच्छाएँ; इच्छित वस्तुएँ | desires; desired things |
| दायक | देने वाले | bestowing; granting |
| भगवाना | भगवान राम | Lord Rama |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.92
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 994
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 994, 994
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।