उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रभु अगाध सत कोटि पताला। समन कोटि सत सरिस कराला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअरबों पातालोंके समान प्रभु अथाह हैं। अरबों यमराजोंके समान भयानक हैं। अनन्तकोटि तीर्थोंके समान वे पवित्र करनेवाले हैं। उनका नाम सम्पूर्ण पापसमूहका नाश करनेवाला है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 994 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
प्रभु अगाध सत कोटि पताला। समन कोटि सत सरिस कराला।।
तीरथ अमित कोटि सम पावन। नाम अखिल अघ पूग नसावन।।
स्रोत अभिलेख 7.92 · पुस्तक पृ. 994, 994
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 प्रभु अगाध सत कोटि पताला। समन कोटि सत सरिस कराला।।
English explanation
AI draft: The Lord is as unfathomable as a billion netherworlds and as fearsome as a billion Yamas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| अगाध | जिसकी गहराई न मापी जा सके | unfathomably deep |
| सत | सौ | one hundred |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| पताला | पाताल लोक | netherworlds |
| समन | यम, मृत्यु के देवता | Yama, god of death |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| सत | सौ | one hundred |
| सरिस | के समान | like; equal to |
| कराला | भयंकर | fearsome |
2 तीरथ अमित कोटि सम पावन। नाम अखिल अघ पूग नसावन।।
English explanation
The Lord purifies like countless millions of sacred pilgrimage places; his name destroys the entire mass of sins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तीरथ | पवित्र तीर्थस्थल | sacred pilgrimage places |
| अमित | असंख्य | countless |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| सम | के समान | like; equal to |
| पावन | पवित्र करने वाले | purifying |
| नाम | प्रभु का नाम | the Lord’s name |
| अखिल | समस्त | all; entire |
| अघ | पाप | sins |
| पूग | समूह | mass; multitude |
| नसावन | नष्ट करने वाला | destroying; dispelling |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.92
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 994
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 994, 994
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।