उत्तरकाण्ड · दोहा 91 (ख) · दोहा
काल कोटि सत सरिस अति दुस्तर दुर्ग दुरंत।
काल कोटि सत सरिस अति दुस्तर दुर्ग दुरंत।
धूमकेतु सत कोटि सम दुराधरष भगवंत॥ ९१ (ख)॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.91 · पुस्तक पृ. 993, 993
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1काल कोटि सत सरिस अति दुस्तर दुर्ग दुरंत।
वे सौ करोड़ कालों के समान हैं—अत्यंत दुस्तर, दुर्गम और जिनका पार पाना कठिन है।
English explanation
He is like a billion powers of death—exceedingly difficult to overcome, inaccessible, and beyond reach.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काल | काल; मृत्यु की संहारक शक्ति | Death; the destructive power of time |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| सत | सौ | a hundred |
| सरिस | समान | like; equal to |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| दुस्तर | जिसे पार करना या जीतना कठिन हो | difficult to cross or overcome |
| दुर्ग | दुर्गम; कठिन पहुँच वाले | inaccessible; difficult to approach |
| दुरंत | जिनका अंत या पार पाना कठिन हो | whose limit is difficult to reach |
2धूमकेतु सत कोटि सम दुराधरष भगवंत॥ ९१ (ख)॥
भगवान सौ करोड़ धूमकेतुओं के समान दुर्धर्ष हैं—उनका सामना करना अत्यंत कठिन है।
English explanation
The Lord is as formidable as a billion comets—exceedingly difficult to withstand.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धूमकेतु | धूमकेतु | comets |
| सत | सौ | a hundred |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| सम | समान | like; equal to |
| दुराधरष | जिनका सामना या पराभव करना कठिन हो | formidable; difficult to withstand or defeat |
| भगवंत | भगवान; यहाँ श्रीराम | the Lord; here, Rama |
| ख | दोहा ९१ का भाग-सूचक ‘ख’ | reference marker for part (b) of verse 91 |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 91 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 7.91
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 993, 993
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।