उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सागर सरि सर बिपिन अपारा। नाना भाँति सृष्टि बिस्तारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअसंख्य समुद्र, नदी, तालाब और वन तथा और भी नाना प्रकारकी सृष्टिका विस्तार देखा। देवता, मुनि, सिद्ध, नाग, मनुष्य, किन्नर तथा चारों प्रकारके जड़ और चेतन जीव देखे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 983 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सागर सरि सर बिपिन अपारा। नाना भाँति सृष्टि बिस्तारा।।
सुर मुनि सिद्ध नाग नर किंनर। चारि प्रकार जीव सचराचर।।
स्रोत अभिलेख 7.8 · पुस्तक पृ. 982, 983
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सागर सरि सर बिपिन अपारा। नाना भाँति सृष्टि बिस्तारा।।
English explanation
There were boundless oceans, rivers, lakes, and forests, and creation extended in many diverse forms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सागर | समुद्र | oceans |
| सरि | नदियाँ | rivers |
| सर | सरोवर | lakes |
| बिपिन | वन | forests |
| अपारा | अपार | boundless |
| नाना | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार से | in forms or ways |
| सृष्टि | सृष्टि का | of creation |
| बिस्तारा | विस्तार | expanse |
2 सुर मुनि सिद्ध नाग नर किंनर। चारि प्रकार जीव सचराचर।।
English explanation
There were gods, sages, perfected beings, nagas, humans, and celestial kinnara beings—all moving and stationary life belonging to the four categories of birth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवता | gods |
| मुनि | मुनि या ऋषि | sages |
| सिद्ध | सिद्धि प्राप्त प्राणी | perfected beings |
| नाग | नाग जाति के सर्परूप प्राणी | nagas, serpent beings |
| नर | मनुष्य | humans |
| किंनर | किन्नर, दिव्य प्राणियों की एक जाति | kinnaras, a class of celestial beings |
| चारि | चार | four |
| प्रकार | श्रेणियों के | of categories |
| जीव | जीव | living beings |
| सचराचर | चर और अचर सहित | including moving and stationary life |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 983
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 982, 983
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।