उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब उदार सब पर उपकारी। बिप्र चरन सेवक नर नारी।।
मूल पाठ
सब उदार सब पर उपकारी। बिप्र चरन सेवक नर नारी।।
एकनारि ब्रत रत सब झारी। ते मन बच क्रम पति हितकारी।।
स्रोत अभिलेख 7.22 · पुस्तक पृ. 931, 932
भावार्थ
मूल पाठ के बादसभी नर-नारी उदार हैं, सभी परोपकारी हैं और सभी ब्राह्मणोंके चरणोंके सेवक हैं। सभी पुरुषमात्र एकपत्नीव्रती हैं। इसी प्रकार स्त्रियाँ भी मन, वचन और कर्मसे पतिका हित करनेवाली हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 932 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सब उदार सब पर उपकारी। बिप्र चरन सेवक नर नारी।।
English explanation
All were generous and helpful to others; men and women alike served reverently at the feet of Brahmins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सभी | all |
| उदार | उदार; दानशील | generous |
| सब | सभी | all |
| पर | दूसरों का | to others |
| उपकारी | उपकार करने वाले | helpful; beneficent |
| बिप्र | ब्राह्मणों के | of Brahmins |
| चरन | चरण | feet |
| सेवक | सेवा करने वाले | servants; devoted attendants |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
2 एकनारि ब्रत रत सब झारी। ते मन बच क्रम पति हितकारी।।
English explanation
All men, without exception, were devoted to the vow of fidelity to one wife; the women sought their husbands’ welfare in thought, speech, and deed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एकनारि | एक ही पत्नी के प्रति निष्ठा | fidelity to one wife |
| ब्रत | व्रत; दृढ़ संकल्प | vow; firm commitment |
| रत | निष्ठापूर्वक लगे हुए | devoted to |
| सब | सभी पुरुष | all men |
| झारी | बिना अपवाद; सभी के सभी | without exception; every one |
| ते | वे स्त्रियाँ | those women |
| मन | मन से | in thought |
| बच | वचन से | in speech |
| क्रम | कर्म से | in deed |
| पति | पति का | of their husbands |
| हितकारी | हित करने वाली | seeking the welfare |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 932
- सहायक विषय
- रामराज्यका वर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 931, 932
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।