उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोउ जाने कर फल यह लीला। कहहिं महा मुनिबर दमसीला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दक्योंकि उस महिमाको भी जाननेका फल यह लीला (इस लीलाका अनुभव) ही है, इन्द्रियोंका दमन करनेवाले श्रेष्ठ महामुनि ऐसा कहते हैं। रामराज्यकी सुख-सम्पत्तिका वर्णन शेषजी और सरस्वतीजी भी नहीं कर सकते॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 932 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सोउ जाने कर फल यह लीला। कहहिं महा मुनिबर दमसीला।।
राम राज कर सुख संपदा। बरनि न सकइ फनीस सारदा।।
स्रोत अभिलेख 7.22 · पुस्तक पृ. 931, 932
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सोउ जाने कर फल यह लीला। कहहिं महा मुनिबर दमसीला।।
English explanation
Great sages, foremost in self-restraint, say that the fruit of knowing even that greatness is love for this divine play.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोउ | उस महिमा को भी | even that greatness |
| जाने | जानने | knowing |
| कर | का | of |
| फल | फल; परिणाम | fruit; result |
| यह | यह | this |
| लीला | प्रभु की लीला | the Lord’s divine play |
| कहहिं | कहते हैं | say |
| महा | महान | great |
| मुनिबर | श्रेष्ठ मुनि | foremost sages |
| दमसीला | इंद्रियसंयमशील | habitually self-restrained |
2 राम राज कर सुख संपदा। बरनि न सकइ फनीस सारदा।।
English explanation
Even Shesha and Saraswati cannot describe the happiness and prosperity of Rama’s reign.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम | Rama |
| राज | राज्य; शासन | kingdom; reign |
| कर | का; के | of |
| सुख | सुख | happiness |
| संपदा | समृद्धि | prosperity |
| बरनि | वर्णन करना | describe |
| न | नहीं | not |
| सकइ | कर सकते | can |
| फनीस | सर्पराज शेषनाग | Shesha, king of serpents |
| सारदा | वाणी और विद्या की देवी सरस्वती | Saraswati, goddess of speech and learning |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 932
- सहायक विषय
- रामराज्यका वर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 931, 932
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