उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
यह प्रभु चरित पवित्र सुहावा। कहहु कृपाल काग कहँ पावा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे कृपालु! बताइये, उस कौएने प्रभुका यह पवित्र और सुन्दर चरित्र कहाँ पाया? और हे कामदेवके शत्रु! यह भी बताइये, आपने इसे किस प्रकार सुना? मुझे बड़ा भारी कौतूहल हो रहा है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 960 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
यह प्रभु चरित पवित्र सुहावा। कहहु कृपाल काग कहँ पावा।।
तुम्ह केहि भाँति सुना मदनारी। कहहु मोहि अति कौतुक भारी।।
स्रोत अभिलेख 7.55 · पुस्तक पृ. 960, 961
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 यह प्रभु चरित पवित्र सुहावा। कहहु कृपाल काग कहँ पावा।।
English explanation
O compassionate one, tell me where the crow Kakabhushundi obtained this sacred and beautiful account of the Lord.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| प्रभु | प्रभु राम का | of Lord Rama |
| चरित | चरित्र; जीवन-कथा | deeds; life account |
| पवित्र | पवित्र | sacred |
| सुहावा | सुंदर और मनोहर | beautiful and pleasing |
| कहहु | बताइए | please tell |
| कृपाल | हे कृपालु शिव | O compassionate Shiva |
| काग | कौए काकभुशुंडि ने | the crow Kakabhushundi |
| कहँ | कहाँ | where |
| पावा | प्राप्त किया | obtained |
2 तुम्ह केहि भाँति सुना मदनारी। कहहु मोहि अति कौतुक भारी।।
English explanation
O Shiva, foe of the god of desire, how did you hear this account? Tell me; I am deeply curious.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | आपने | you |
| केहि | किस | what |
| भाँति | प्रकार से | in what manner |
| सुना | सुना | heard |
| मदनारी | हे कामदेव के शत्रु शिव | O Shiva, foe of the god of desire |
| कहहु | बताइए | please tell |
| मोहि | मुझे | to me |
| अति | अत्यंत | extremely |
| कौतुक | जिज्ञासा | curiosity |
| भारी | बहुत बड़ी | great |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.55
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 960
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 960, 961
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।