उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गरुड़ महाग्यानी गुन रासी। हरि सेवक अति निकट निवासी।।
मूल पाठ
गरुड़ महाग्यानी गुन रासी। हरि सेवक अति निकट निवासी।।
तेहिं केहि हेतु काग सन जाई। सुनी कथा मुनि निकर बिहाई।।
स्रोत अभिलेख 7.55 · पुस्तक पृ. 960, 961
भावार्थ
मूल पाठ के बादगरुडज़ी तो महान् ज्ञानी, सद्गुणोंकी राशि, श्रीहरिके सेवक और उनके अत्यन्त निकट रहनेवाले (उनके वाहन ही) हैं। उन्होंने मुनियोंके समूहको छोड़कर, कौएसे जाकर हरिकथा किस कारण सुनी?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 960 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गरुड़ महाग्यानी गुन रासी। हरि सेवक अति निकट निवासी।।
English explanation
Garuda is greatly wise, a treasury of virtues, a servant of Hari, and one who dwells very close to him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गरुड़ | गरुड़, विष्णु के पक्षीरूप वाहन | Garuda, Vishnu’s bird mount |
| महाग्यानी | महान ज्ञानी | greatly wise |
| गुन | गुणों की | of virtues |
| रासी | राशि; भंडार | treasury; abundance |
| हरि | भगवान विष्णु के | of Lord Vishnu |
| सेवक | सेवक | servant |
| अति | अत्यंत | very |
| निकट | पास | near |
| निवासी | रहने वाले | one who dwells |
2 तेहिं केहि हेतु काग सन जाई। सुनी कथा मुनि निकर बिहाई।।
English explanation
Why did he leave the company of sages and go to the crow Kakabhushundi to hear the account?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उन्होंने, अर्थात गरुड़ ने | he, namely Garuda |
| केहि | किस | what |
| हेतु | कारण से | for what reason |
| काग | कौए काकभुशुंडि के | the crow Kakabhushundi |
| सन | पास; से | to; from |
| जाई | जाकर | having gone |
| सुनी | सुनी | heard |
| कथा | कथा | the account |
| मुनि | मुनियों के | of sages |
| निकर | समुदाय को | the company |
| बिहाई | छोड़कर | having left |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.55
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 960
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 960, 961
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