उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मोरि जियँ भरोस दृढ़ सोई। मिलिहहिं राम सगुन सुभ होई।।
मूल पाठ
मोरि जियँ भरोस दृढ़ सोई। मिलिहहिं राम सगुन सुभ होई।।
बीतें अवधि रहहि जौं प्राना। अधम कवन जग मोहि समाना।।
स्रोत अभिलेख 7.1 · पुस्तक पृ. 906, 907
भावार्थ
मूल पाठ के बादअतएव मेरे हृदयमें ऐसा पक्का भरोसा है कि श्रीरामजी अवश्य मिलेंगे, [क्योंकि] मुझे शकुन बड़े शुभ हो रहे हैं। किन्तु अवधि बीत जानेपर यदि मेरे प्राण रह गये तो जगत्में मेरे समान नीच कौन होगा?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 907 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मोरि जियँ भरोस दृढ़ सोई। मिलिहहिं राम सगुन सुभ होई।।
English explanation
In my heart I have that same firm trust that I shall meet Rama; an auspicious omen is appearing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोरि | मेरे | my |
| जियँ | हृदय में | in the heart |
| भरोस | भरोसा | trust |
| दृढ़ | अटल | firm |
| सोई | वही | that very |
| मिलिहहिं | मिलेंगे | will be met |
| राम | राम | Lord Rama |
| सगुन | शकुन | omen |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| होई | हो रहा है | is occurring |
2 बीतें अवधि रहहि जौं प्राना। अधम कवन जग मोहि समाना।।
English explanation
If I remain alive after the appointed period has passed, who in the world would be as unworthy as I?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बीतें | बीत जाने पर | after the passing of |
| अवधि | निर्धारित अवधि | the appointed period |
| रहहि | बने रहें | should remain |
| जौं | यदि | if |
| प्राना | प्राण | life |
| अधम | अत्यंत नीच | utterly unworthy |
| कवन | कौन | who |
| जग | संसार में | in the world |
| मोहि | मेरे | me |
| समाना | समान | equal to |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 907
- सहायक विषय
- भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 906, 907
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।