उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौं करनी समुझै प्रभु मोरी। नहिं निस्तार कलप सत कोरी।।
मूल पाठ
जौं करनी समुझै प्रभु मोरी। नहिं निस्तार कलप सत कोरी।।
जन अवगुन प्रभु मान न काऊ। दीन बंधु अति मृदुल सुभाऊ।।
स्रोत अभिलेख 7.1 · पुस्तक पृ. 906, 907
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[बात भी ठीक ही है, क्योंकि] यदि प्रभु मेरी करनीपर ध्यान दें, तो सौ करोड़ (असंख्य) कल्पोंतक भी मेरा निस्तार (छुटकारा) नहीं हो सकता। [परन्तु आशा इतनी ही है कि] प्रभु सेवकका अवगुण कभी नहीं मानते। वे दीनबन्धु हैं और अत्यन्त ही कोमल स्वभावके हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 907 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जौं करनी समुझै प्रभु मोरी। नहिं निस्तार कलप सत कोरी।।
English explanation
If the Lord were to judge my deeds, I would find no deliverance even in a billion cosmic ages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| करनी | कर्मों को | deeds |
| समुझै | विचारें | were to consider |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| मोरी | मेरी | my |
| नहिं | नहीं | no |
| निस्तार | उद्धार | deliverance |
| कलप | कल्पों में | in cosmic ages |
| सत | सौ | a hundred |
| कोरी | करोड़ | ten-million units |
2 जन अवगुन प्रभु मान न काऊ। दीन बंधु अति मृदुल सुभाऊ।।
English explanation
The Lord takes no account of any fault in his servant. He is the friend of the helpless and exceedingly gentle by nature.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जन | सेवक के | of his servant |
| अवगुन | दोष | faults |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| मान | ध्यान में रखते | take into account |
| न | नहीं | not |
| काऊ | कोई भी | any at all |
| दीन | दीनों के | of the helpless |
| बंधु | सहायक मित्र | friend and supporter |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| मृदुल | कोमल | gentle |
| सुभाऊ | स्वभाव वाले | by nature |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 907
- सहायक विषय
- भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 906, 907
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।