उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
महामोह उपजा उर तोरें। मिटिहि न बेगि कहें खग मोरें।।
मूल पाठ
महामोह उपजा उर तोरें। मिटिहि न बेगि कहें खग मोरें।।
चतुरानन पहिं जाहु खगेसा। सोइ करेहु जेहि होइ निदेसा।।
स्रोत अभिलेख 7.59 · पुस्तक पृ. 963, 964
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे गरुड़! आपके हृदयमें बड़ा भारी मोह उत्पन्न हो गया है। यह मेरे समझानेसे तुरंत नहीं मिटेगा। अत: हे पक्षिराज! आप ब्रह्माजीके पास जाइये और वहाँ जिस कामके लिये आदेश मिले, वही कीजियेगा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 964 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 महामोह उपजा उर तोरें। मिटिहि न बेगि कहें खग मोरें।।
English explanation
A profound delusion has arisen in your heart. O bird, it will not quickly disappear merely through my words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महामोह | बहुत गहरा मोह | profound delusion |
| उपजा | उत्पन्न हुआ | has arisen |
| उर | हृदय में | in the heart |
| तोरें | तुम्हारे | your |
| मिटिहि | मिटेगा | will disappear |
| न | नहीं | not |
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| कहें | कहने से | through speaking |
| खग | हे पक्षी | O bird |
| मोरें | मेरे | my |
2 चतुरानन पहिं जाहु खगेसा। सोइ करेहु जेहि होइ निदेसा।।
English explanation
O king of birds, go to Brahma and do exactly as he directs.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चतुरानन | चार मुख वाले ब्रह्मा | Brahma, the four-faced creator |
| पहिं | के पास | to |
| जाहु | जाओ | go |
| खगेसा | हे पक्षिराज, गरुड़ | O king of birds, Garuda |
| सोइ | वही | that very thing |
| करेहु | करना | do |
| जेहि | जिस प्रकार का | whatever; as |
| होइ | हो | is; may be |
| निदेसा | निर्देश; आज्ञा | instruction; command |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.59
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 964
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 963, 964
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।