उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मन महुँ करइ बिचार बिधाता। माया बस कबि कोबिद ग्याता।।
मूल पाठ
मन महुँ करइ बिचार बिधाता। माया बस कबि कोबिद ग्याता।।
हरि माया कर अमिति प्रभावा। बिपुल बार जेहिं मोहि नचावा।।
स्रोत अभिलेख 7.6 · पुस्तक पृ. 964, 965
भावार्थ
मूल पाठ के बादब्रह्माजी मनमें विचार करने लगे कि कवि, कोविद और ज्ञानी सभी मायाके वश हैं। भगवान्की मायाका प्रभाव असीम है, जिसने मुझतकको अनेकों बार नचाया है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 964 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मन महुँ करइ बिचार बिधाता। माया बस कबि कोबिद ग्याता।।
English explanation
Brahma reflects within his mind: poets, scholars, and the knowledgeable are under Maya’s sway.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मन | मन | mind |
| महुँ | में | within |
| करइ | करते हैं | undertakes |
| बिचार | विचार | reflection |
| बिधाता | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| माया | माया के | of Maya, the deluding power |
| बस | वश में | under the sway |
| कबि | कवि | poets |
| कोबिद | विद्वान | scholars |
| ग्याता | ज्ञानी | the knowledgeable |
2 हरि माया कर अमिति प्रभावा। बिपुल बार जेहिं मोहि नचावा।।
English explanation
The influence of Hari’s Maya is boundless; it has made even me dance to its will many times.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरि | भगवान हरि की | of Lord Hari |
| माया | माया | Maya, the deluding power |
| कर | का | of |
| अमिति | असीम | boundless |
| प्रभावा | प्रभाव | influence |
| बिपुल | अनेक | many |
| बार | बार | times |
| जेहिं | जिस माया ने | which Maya |
| मोहि | मुझे | me |
| नचावा | नचाया | made dance |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 964
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 964, 965
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