उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ब्यापक ब्रह्म बिरज बागीसा। माया मोह पार परमीसा।।
मूल पाठ
ब्यापक ब्रह्म बिरज बागीसा। माया मोह पार परमीसा।।
सो अवतार सुनेउँ जग माहीं। देखेउँ सो प्रभाव कछु नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 7.58 · पुस्तक पृ. 963, 963
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो व्यापक, विकाररहित, वाणीके पति और माया-मोहसे परे ब्रह्म परमेश्वर हैं, मैंने सुना था कि जगत्में उन्हींका अवतार है। पर मैंने उस (अवतार) का प्रभाव कुछ भी नहीं देखा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 963 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 ब्यापक ब्रह्म बिरज बागीसा। माया मोह पार परमीसा।।
English explanation
The all-pervading Brahman, stainless, lord of speech, the Supreme Lord beyond illusion and delusion—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्यापक | सर्वव्यापक | all-pervading |
| ब्रह्म | परम सत्य, ब्रह्म | Brahman, the absolute reality |
| बिरज | निर्मल, दोषरहित | stainless, untainted |
| बागीसा | वाणी के स्वामी | lord of speech |
| माया | माया से | illusion |
| मोह | मोह से | delusion |
| पार | परे | beyond |
| परमीसा | परमेश्वर | the Supreme Lord |
2 सो अवतार सुनेउँ जग माहीं। देखेउँ सो प्रभाव कछु नाहीं।।
English explanation
I had heard that this very Supreme Lord had incarnated in the world, but I saw none of that power in him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | उन्हीं परमेश्वर का | of that very Supreme Lord |
| अवतार | अवतरण | incarnation |
| सुनेउँ | मैंने सुना | I heard |
| जग | संसार | the world |
| माहीं | में | in |
| देखेउँ | मैंने देखा | I saw |
| सो | वह, वैसा | that |
| प्रभाव | सामर्थ्य, प्रताप | power, might |
| कछु | तनिक भी | at all |
| नाहीं | नहीं | not |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.58
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 963
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 963, 963
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