उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिरति बिबेक भगति दृढ़ करनी। मोह नदी कहँ सुंदर तरनी।।
मूल पाठ
बिरति बिबेक भगति दृढ़ करनी। मोह नदी कहँ सुंदर तरनी।।
नित नव मंगल कौसलपुरी। हरषित रहहिं लोग सब कुरी।।
स्रोत अभिलेख 7.15 · पुस्तक पृ. 925, 925
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह वैराग्य, विवेक और भक्तिको दृढ़ करनेवाली है तथा मोहरूपी नदीके [पार करनेके] लिये सुन्दर नाव है। अवधपुरीमें नित-नये मङ्गलोत्सव होते हैं। सभी वर्गोंके लोग हॢषत रहते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 925 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बिरति बिबेक भगति दृढ़ करनी। मोह नदी कहँ सुंदर तरनी।।
English explanation
This story strengthens detachment, discernment, and devotion, and is a fine boat for crossing the river of delusion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिरति | वैराग्य | detachment |
| बिबेक | विवेक | discernment |
| भगति | भक्ति | devotion |
| दृढ़ | दृढ़ | firm |
| करनी | करने वाली | making |
| मोह | मोह की | of delusion |
| नदी | नदी | river |
| कहँ | के लिए | for |
| सुंदर | सुंदर | fine |
| तरनी | नाव | boat |
2 नित नव मंगल कौसलपुरी। हरषित रहहिं लोग सब कुरी।।
English explanation
Each day brings fresh auspicious celebrations in Ayodhya; people of every community remain joyful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नित | प्रतिदिन | daily |
| नव | नए | new |
| मंगल | मंगलमय उत्सव | auspicious celebrations |
| कौसलपुरी | कोसल की नगरी अयोध्या में | in Ayodhya, the city of Kosala |
| हरषित | प्रसन्न | joyful |
| रहहिं | रहते हैं | remain |
| लोग | लोग | people |
| सब | सभी | all |
| कुरी | कुलों या समुदायों के | of families or communities |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.15
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 925
- सहायक विषय
- राम-राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 925, 925
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।