उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रथमहिं अति अनुराग भवानी। रामचरित सर कहेसि बखानी।।
मूल पाठ
प्रथमहिं अति अनुराग भवानी। रामचरित सर कहेसि बखानी।।
पुनि नारद कर मोह अपारा। कहेसि बहुरि रावन अवतारा।।
स्रोत अभिलेख 7.64 · पुस्तक पृ. 968, 968
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे भवानी! पहले तो उन्होंने बड़े ही प्रेमसे रामचरितमानस सरोवरका रूपक समझाकर कहा। फिर नारदजीका अपार मोह और फिर रावणका अवतार कहा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 968 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 प्रथमहिं अति अनुराग भवानी। रामचरित सर कहेसि बखानी।।
English explanation
O Bhavani, first Kakabhushundi lovingly described in detail the lake that represents Rama’s deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रथमहिं | सबसे पहले ही | at the very outset |
| अति | अत्यंत | with great |
| अनुराग | प्रेम से | love |
| भवानी | हे भवानी; देवी पार्वती | O Bhavani, goddess Parvati |
| रामचरित | श्रीराम के चरित्ररूपी | representing Rama’s deeds |
| सर | सरोवर | lake |
| कहेसि | उन्होंने कहा | he recounted |
| बखानी | विस्तार से वर्णन करके | describing in detail |
2 पुनि नारद कर मोह अपारा। कहेसि बहुरि रावन अवतारा।।
English explanation
Then he described Narada’s profound delusion, and afterward recounted Ravana’s birth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| नारद | देवर्षि नारद | Narada, the divine sage |
| कर | का | of |
| मोह | मोह | delusion |
| अपारा | अत्यंत गहरा; असीम | profound; boundless |
| कहेसि | उन्होंने कहा | he recounted |
| बहुरि | उसके बाद | afterward |
| रावन | लंका के राजा रावण का | of Ravana, king of Lanka |
| अवतारा | जन्म | birth |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.64
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 968
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 968, 968
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