उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनत गरुड़ कै गिरा बिनीता। सरल सुप्रेम सुखद सुपुनीता।।
मूल पाठ
सुनत गरुड़ कै गिरा बिनीता। सरल सुप्रेम सुखद सुपुनीता।।
भयउ तासु मन परम उछाहा। लाग कहै रघुपति गुन गाहा।।
स्रोत अभिलेख 7.64 · पुस्तक पृ. 968, 968
भावार्थ
मूल पाठ के बादगरुडज़ीकी विनम्र, सरल, सुन्दर प्रेमयुक्त, सुखप्रद और अत्यन्त पवित्र वाणी सुनते ही भुशुण्डिजीके मनमें परम उत्साह हुआ और वे श्रीरघुनाथजीके गुणोंकी कथा कहने लगे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 968 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनत गरुड़ कै गिरा बिनीता। सरल सुप्रेम सुखद सुपुनीता।।
English explanation
On hearing Garuda’s humble, sincere words, full of tender love, comforting and deeply pure—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| गरुड़ | गरुड़; भगवान विष्णु के पक्षीरूप वाहन | Garuda, Vishnu’s bird mount |
| कै | की | of |
| गिरा | वाणी | words; speech |
| बिनीता | विनम्र | humble |
| सरल | सरल; निष्कपट | sincere; guileless |
| सुप्रेम | सुंदर प्रेम से भरी | full of tender love |
| सुखद | सुख देने वाली | comforting |
| सुपुनीता | अत्यंत पवित्र | deeply pure |
2 भयउ तासु मन परम उछाहा। लाग कहै रघुपति गुन गाहा।।
English explanation
Great enthusiasm arose in Kakabhushundi’s heart, and he began recounting the praises of Lord Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भयउ | उत्पन्न हुआ | arose |
| तासु | उनके; काकभुशुण्डि के | his; Kakabhushundi’s |
| मन | मन में | in the heart |
| परम | अत्यंत | great |
| उछाहा | उत्साह | enthusiasm |
| लाग | लगे | began |
| कहै | कहने | to recount |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी श्रीराम के | of Rama, lord of Raghu’s lineage |
| गुन | गुणों की | of the virtues |
| गाहा | गाथा | a song of praise |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.64
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 968
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 968, 968
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।