उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नयन दोष जा कहँ जब होई। पीत बरन ससि कहुँ कह सोई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजब जिसको [कवँल आदि] नेत्रदोष होता है, तब वह चन्द्रमाको पीले रंगका कहता है। हे पक्षिराज! जब जिसे दिशाभ्रम होता है, तब वह कहता है कि सूर्य पश्चिममें उदय हुआ है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 976 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नयन दोष जा कहँ जब होई। पीत बरन ससि कहुँ कह सोई।।
जब जेहि दिसि भ्रम होइ खगेसा। सो कह पच्छिम उयउ दिनेसा।।
स्रोत अभिलेख 7.73 · पुस्तक पृ. 976, 976
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नयन दोष जा कहँ जब होई। पीत बरन ससि कहुँ कह सोई।।
English explanation
When someone’s eyes are impaired, that person calls the moon yellow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नयन | आँखों में | in the eyes |
| दोष | दोष | impairment |
| जा | जिस व्यक्ति | the person whom |
| कहँ | को | to |
| जब | जब | when |
| होई | होता है | occurs |
| पीत | पीला | yellow |
| बरन | रंग का | in color |
| ससि | चंद्रमा | the moon |
| कहुँ | को | object marker for the moon |
| कह | कहता है | calls |
| सोई | वही व्यक्ति | that very person |
2 जब जेहि दिसि भ्रम होइ खगेसा। सो कह पच्छिम उयउ दिनेसा।।
English explanation
O king of birds, when someone is confused about directions, that person says the sun has risen in the west.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जब | जब | when |
| जेहि | जिसको | to whom |
| दिसि | दिशा का | about direction |
| भ्रम | भ्रम | confusion |
| होइ | होता है | occurs |
| खगेसा | हे पक्षिराज गरुड़! | O Garuda, king of birds! |
| सो | वह व्यक्ति | that person |
| कह | कहता है | says |
| पच्छिम | पश्चिम में | in the west |
| उयउ | उदित हुआ | has risen |
| दिनेसा | सूर्य | the sun |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.73
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 976
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 976, 976
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