उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नौकारूढ़ चलत जग देखा। अचल मोह बस आपुहि लेखा।।
मूल पाठ
नौकारूढ़ चलत जग देखा। अचल मोह बस आपुहि लेखा।।
बालक भ्रमहिं न भ्रमहिं गृहादीं। कहहिं परस्पर मिथ्याबादी।।
स्रोत अभिलेख 7.73 · पुस्तक पृ. 976, 976
भावार्थ
मूल पाठ के बादनौकापर चढ़ा हुआ मनुष्य जगत्को चलता हुआ देखता है और मोहवश अपनेको अचल समझता है। बालक घूमते (चक्राकार दौड़ते) हैं, घर आदि नहीं घूमते। पर वे आपसमें एक- दूसरेको झूठा कहते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 976 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नौकारूढ़ चलत जग देखा। अचल मोह बस आपुहि लेखा।।
English explanation
A person aboard a boat sees the world moving and, under delusion, considers himself stationary.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नौकारूढ़ | नाव पर सवार व्यक्ति | a person aboard a boat |
| चलत | चलता हुआ | moving |
| जग | जगत को | the world |
| देखा | देखता है | sees |
| अचल | स्थिर | stationary |
| मोह | भ्रम के | of delusion |
| बस | वश में | under the sway |
| आपुहि | अपने को ही | himself alone |
| लेखा | समझता है | considers |
2 बालक भ्रमहिं न भ्रमहिं गृहादीं। कहहिं परस्पर मिथ्याबादी।।
English explanation
The children themselves spin; the houses and other surroundings do not. Yet they call one another liars.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बालक | बच्चे | children |
| भ्रमहिं | घूमते हैं | spin around |
| न | नहीं | not |
| भ्रमहिं | घूमते हैं | revolve |
| गृहादीं | घर आदि | houses and other surroundings |
| कहहिं | कहते हैं | call |
| परस्पर | एक-दूसरे को | one another |
| मिथ्याबादी | झूठ बोलने वाला | liars |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.73
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 976
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 976, 976
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।