उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि मातु आतुर उठि धाई। कहि मृदु बचन लिए उर लाई।।
मूल पाठ
देखि मातु आतुर उठि धाई। कहि मृदु बचन लिए उर लाई।।
गोद राखि कराव पय पाना। रघुपति चरित ललित कर गाना।।
स्रोत अभिलेख 7.88 · पुस्तक पृ. 990, 990
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह देखकर माता तुरंत उठ दौड़ीं और कोमल वचन कहकर उन्होंने श्रीरामजीको छातीसे लगा लिया। वे गोदमें लेकर उन्हें दूध पिलाने लगीं और श्रीरघुनाथजी (उन्हीं) की ललित लीलाएँ गाने लगीं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 990 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखि मातु आतुर उठि धाई। कहि मृदु बचन लिए उर लाई।।
English explanation
Seeing this, his mother rose anxiously and hurried to him; speaking gentle words, she clasped him to her breast.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen this |
| मातु | माता | his mother |
| आतुर | व्याकुल; उतावली | anxious; eager |
| उठि | उठकर | having risen |
| धाई | दौड़ीं | hurried toward him |
| कहि | कहकर | having spoken |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बचन | वचन | words |
| लिए | उन्हें ले लिया | she took him |
| उर | छाती से | to her breast |
| लाई | लगाकर | clasping him |
2 गोद राखि कराव पय पाना। रघुपति चरित ललित कर गाना।।
English explanation
Placing him in her lap, his mother nurses him and sings of Rama’s charming deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गोद | गोद में | in her lap |
| राखि | रखकर | having placed him |
| कराव | कराती हैं | she causes |
| पय | दूध | milk |
| पाना | पीना | drinking |
| रघुपति | रघुवंश के स्वामी श्रीराम के | of Rama, lord of Raghu’s lineage |
| चरित | चरित्र; लीलाएँ | deeds; exploits |
| ललित | मनोहर | charming |
| कर | करती हैं | she performs |
| गाना | गान | singing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.88
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 990
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 990, 990
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