उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि बिलोकि माया सकुचाई। करि न सकइ कछु निज प्रभुताई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउसे देखकर माया सकुचा जाती है। उसपर वह अपनी प्रभुता कुछ भी नहीं कर (चला) सकती। ऐसा विचारकर ही जो विज्ञानी मुनि हैं, वे भी सब सुखोंकी खानि भक्तिकी ही याचना करते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1025 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तेहि बिलोकि माया सकुचाई। करि न सकइ कछु निज प्रभुताई।।
अस बिचारि जे मुनि बिग्यानी। जाचहीं भगति सकल सुख खानी।।
स्रोत अभिलेख 7.116 · पुस्तक पृ. 1025, 1025
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तेहि बिलोकि माया सकुचाई। करि न सकइ कछु निज प्रभुताई।।
English explanation
Seeing that person, maya shrinks back and cannot exercise any of its own power.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस व्यक्ति को | that person |
| बिलोकि | देखकर | on seeing |
| माया | माया | maya, the power of illusion |
| सकुचाई | सकुचा जाती है | shrinks back |
| करि | कर, प्रयोग कर | exercise |
| न | नहीं | not |
| सकइ | सकती है | can |
| कछु | कुछ भी | any at all |
| निज | अपनी | its own |
| प्रभुताई | प्रभुता, प्रभाव | dominion, power |
2 अस बिचारि जे मुनि बिग्यानी। जाचहीं भगति सकल सुख खानी।।
English explanation
Reflecting thus, sages with realized understanding ask for devotion, the source of every joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा, इस प्रकार | thus |
| बिचारि | विचार करके | having reflected |
| जे | जो | those who |
| मुनि | मुनि, मननशील साधु | sages |
| बिग्यानी | तत्त्व का अनुभव रखने वाले | possessing realized understanding |
| जाचहीं | माँगते हैं | ask for |
| भगति | भक्ति | devotion |
| सकल | सभी | all |
| सुख | सुखों की | of joys |
| खानी | खान, भंडार | mine, abundant source |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.116
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1025
- सहायक विषय
- ज्ञान-भक्ति-निरूपण, ज्ञानदीपक और भक्तिकी महान् महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 1025, 1025
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