उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जब सो प्रभंजन उर गृहँ जाई। तबहिं दीप बिग्यान बुझाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दज्यों ही वह तेज हवा हृदयरूपी घरमें जाती है, त्यों ही वह विज्ञानरूपी दीपक बुझ जाता है। गाँठ भी नहीं छूटी और वह (आत्मानुभवरूप) प्रकाश भी मिट गया। विषयरूपी हवासे बुद्धि व्याकुल हो गयी (सारा किया-कराया चौपट हो गया)॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1029 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जब सो प्रभंजन उर गृहँ जाई। तबहिं दीप बिग्यान बुझाई।।
ग्रंथि न छूटि मिटा सो प्रकासा। बुद्धि बिकल भइ बिषय बतासा।।
स्रोत अभिलेख 7.118 · पुस्तक पृ. 1028, 1029
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जब सो प्रभंजन उर गृहँ जाई। तबहिं दीप बिग्यान बुझाई।।
English explanation
When that gust enters the house of the heart, it immediately extinguishes the lamp of realized knowledge.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जब | जब | when |
| सो | वह | that |
| प्रभंजन | प्रबल हवा | strong gust |
| उर | हृदय-रूपी | of the heart |
| गृहँ | घर में | into the house |
| जाई | जाती है | enters |
| तबहिं | उसी समय | at once |
| दीप | दीपक | lamp |
| बिग्यान | अनुभूत ज्ञान का | of realized knowledge |
| बुझाई | बुझा देती है | extinguishes |
2 ग्रंथि न छूटि मिटा सो प्रकासा। बुद्धि बिकल भइ बिषय बतासा।।
English explanation
The knot remained untied, and that light went out; the wind of sense objects left the intellect agitated.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ग्रंथि | बंधन की गाँठ | knot of bondage |
| न | नहीं | not |
| छूटि | खुली | was untied |
| मिटा | मिट गया | vanished |
| सो | वह | that |
| प्रकासा | प्रकाश | light |
| बुद्धि | बुद्धि | the intellect |
| बिकल | व्याकुल | agitated |
| भइ | हो गई | became |
| बिषय | इंद्रिय-विषयों की | of sense objects |
| बतासा | हवा से | through the wind |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.118
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1029
- सहायक विषय
- ज्ञान-भक्ति-निरूपण, ज्ञानदीपक और भक्तिकी महान् महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 1028, 1029
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।