उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गिरिजा कहेउँ सो सब इतिहासा। मैं जेहि समय गयउँ खग पासा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे गिरिजे! मैंने वह सब इतिहास कहा कि जिस समय मैं काकभुशुण्डिके पास गया था। अब वह कथा सुनो जिस कारणसे पक्षिकुलके ध्वजा गरुडज़ी उस काकके पास गये थे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 963 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गिरिजा कहेउँ सो सब इतिहासा। मैं जेहि समय गयउँ खग पासा।।
अब सो कथा सुनहु जेही हेतू। गयउ काग पहिं खग कुल केतू।।
स्रोत अभिलेख 7.58 · पुस्तक पृ. 963, 963
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 गिरिजा कहेउँ सो सब इतिहासा। मैं जेहि समय गयउँ खग पासा।।
English explanation
AI draft: O Parvati, I have related the entire account of the time when I went to the bird-sage Kakabhushundi.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गिरिजा | हे पार्वती, हिमालय की पुत्री | O Parvati, daughter of the Himalaya |
| कहेउँ | मैंने कहा | I have related |
| सो | वह | that |
| सब | सारा | entire |
| इतिहासा | वृत्तांत | account |
| मैं | मैं, शिव | I, Shiva |
| जेहि | जिस | at which |
| समय | समय | time |
| गयउँ | गया था | went |
| खग | पक्षी काकभुशुंडि | the bird-sage Kakabhushundi |
| पासा | के पास | to the presence of |
2 अब सो कथा सुनहु जेही हेतू। गयउ काग पहिं खग कुल केतू।।
English explanation
Now hear the story of why Garuda, the foremost of the birds, went to Kakabhushundi.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| सो | वह | that |
| कथा | कथा | story |
| सुनहु | सुनो | listen |
| जेही | जिस | for which |
| हेतू | कारण | reason |
| गयउ | गए | went |
| काग | कौए काकभुशुंडि | the crow-sage Kakabhushundi |
| पहिं | के पास | to |
| खग | पक्षियों के | of birds |
| कुल | कुल का | of the lineage |
| केतू | ध्वजस्वरूप श्रेष्ठ, गरुड़ | the standard-bearer, Garuda |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.58
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 963
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 963, 963
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।