किष्किन्धाकाण्ड · सोरठा

किष्किन्धाकाण्ड के सोरठे

2 पद · हर पद का मूल पाठ, PDF भावार्थ और शब्द-दर-शब्द अर्थ अलग पृष्ठ पर।

  1. सोरठामुक्ति जन्म महि जानि ग्यान
  2. सोरठाजरत सकल सुर बृंद बिषम