किष्किन्धाकाण्ड · दोहा 8 · दोहा/सोरठा
बहु छल बल सुग्रीव कर हियँ हारा भय मानि।
बहु छल बल सुग्रीव कर हियँ हारा भय मानि।
मारा बालि राम तब हृदय माझ सर तानि।।8।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 4.8 · पुस्तक पृ. 690, 691
भावार्थ और शब्दार्थ
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1बहु छल बल सुग्रीव कर हियँ हारा भय मानि।
सुग्रीव ने बहुत दाँव-पेंच और बल का प्रयोग किया, पर भयभीत होकर मन में हार गया।
English explanation
Sugriva used many combat tricks and much strength, but, becoming afraid, lost heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहु | बहुत | many; much |
| छल | दाँव-पेंच | combat tricks |
| बल | बल का प्रयोग | use of strength |
| सुग्रीव | बाली का भाई सुग्रीव | Sugriva, Bali’s brother |
| कर | करता है | employs |
| हियँ | मन में | at heart |
| हारा | हार गया; हिम्मत खो बैठा | lost heart |
| भय | डर | fear |
| मानि | मानकर; अनुभव करके | feeling |
2 मारा बालि राम तब हृदय माझ सर तानि।।8।।
तब राम ने बाण तानकर बाली के हृदय के बीच में मारा।
English explanation
Then Rama drew his arrow and struck Bali in the middle of his chest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारा | प्रहार किया | struck |
| बालि | बाली को | Bali, Sugriva’s brother |
| राम | रघुवंश के राम | Rama of Raghu’s line |
| तब | तब | then |
| हृदय | हृदय के | of the heart; chest |
| माझ | बीच में | in the middle |
| सर | बाण | arrow |
| तानि | तानकर | having drawn |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 8
- स्रोत अभिलेख
- 4.8
- सहायक विषय
- बालि-सुग्रीव-युद्ध, बालि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 690, 691
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