किष्किन्धाकाण्ड · छंद · छंद
अब नाथ करि करुना बिलोकहु देहु जो बर मागऊँ।
मूल पाठ
अब नाथ करि करुना बिलोकहु देहु जो बर मागऊँ।
जेहिं जोनि जन्मौं कर्म बस तहँ राम पद अनुरागऊँ॥
यह तनय मम सम बिनय बल कल्यानप्रद प्रभु लीजिऐ।
गहि बाँह सुर नर नाह आपन दास अंगद कीजिऐ॥
स्रोत अभिलेख 4.1 · पुस्तक पृ. 692, 692
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे नाथ! अब मुझपर दयादृष्टि कीजिये और मैं जो वर माँगता हूँ उसे दीजिये। मैं कर्मवश जिस योनिमें जन्म लूँ, वहीं श्रीरामजी (आप) के चरणोंमें प्रेम करूँ! हे कल्याणप्रद प्रभो! यह मेरा पुत्र अंगद विनय और बलमें मेरे ही समान है, इसे स्वीकार कीजिये। और हे देवता और मनुष्योंके नाथ! बाँह पकड़कर इसे अपना दास बनाइये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 692 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1अब नाथ करि करुना बिलोकहु देहु जो बर मागऊँ।
English explanation
Now, my Lord, look upon me with compassion and grant the boon I ask.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| नाथ | हे स्वामी | O Lord |
| करि | करके | showing |
| करुना | करुणा | compassion |
| बिलोकहु | मेरी ओर देखिए | look upon me |
| देहु | दीजिए | grant |
| जो | जो | which |
| बर | वरदान | boon |
| मागऊँ | मैं माँगता हूँ | I ask for |
2जेहिं जोनि जन्मौं कर्म बस तहँ राम पद अनुरागऊँ॥
English explanation
Whatever form of life I am born into under the sway of karma, may I remain devoted to Rama’s feet there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहिं | जिस भी | in whichever |
| जोनि | जन्म-योनि में | form of life |
| जन्मौं | मैं जन्म लूँ | I may be born |
| कर्म | कर्म के | karma |
| बस | वश में | under the sway of |
| तहँ | वहाँ | there |
| राम | प्रभु राम के | of Lord Rama |
| पद | चरणों से | toward the feet |
| अनुरागऊँ | मैं प्रेम रखूँ | may I remain lovingly devoted |
3यह तनय मम सम बिनय बल कल्यानप्रद प्रभु लीजिऐ।
English explanation
This son of mine is my equal in humility and strength; O Lord who bestows well-being, accept him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| तनय | पुत्र | son |
| मम | मेरे | of mine; me |
| सम | समान | equal to |
| बिनय | विनम्रता में | in humility |
| बल | बल में | in strength |
| कल्यानप्रद | कल्याण देने वाले | bestower of well-being |
| प्रभु | हे प्रभु | O Lord |
| लीजिऐ | स्वीकार कीजिए | please accept him |
4गहि बाँह सुर नर नाह आपन दास अंगद कीजिऐ॥
English explanation
O Lord of gods and humans, take Angada by the arm and make him your servant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गहि | पकड़कर | taking hold of |
| बाँह | बाँह | the arm |
| सुर | देवताओं के | of gods |
| नर | मनुष्यों के | of humans |
| नाह | हे स्वामी | O Lord |
| आपन | अपना | your own |
| दास | सेवक | servant |
| अंगद | अंगद को, बालि के पुत्र को | Angada, Bali’s son |
| कीजिऐ | बना लीजिए | please make |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 4.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 692
- सहायक विषय
- बालि-सुग्रीव-युद्ध, बालि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 692, 692
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।