किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पवन तनय सब कथा सुनाई। जेहि बिधि गए दूत समुदाई।।
मूल पाठ
पवन तनय सब कथा सुनाई। जेहि बिधि गए दूत समुदाई।।
स्रोत अभिलेख 4.2 · पुस्तक पृ. 701, 701
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब पवनसुत हनुमान्जीने जिस प्रकार सब दिशाओंमें दूतोंके समूह गये थे वह सब हाल सुनाया॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 701 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पवन तनय सब कथा सुनाई। जेहि बिधि गए दूत समुदाई।।
English explanation
Hanuman, son of the wind god, related the whole account of how the groups of messengers had gone out.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पवन | पवनदेव के | of the wind god |
| तनय | पुत्र हनुमान ने | the son, Hanuman |
| सब | सारी | the whole |
| कथा | बात | account |
| सुनाई | सुनाई | related |
| जेहि | जिस | in which |
| बिधि | प्रकार | manner |
| गए | गए थे | had gone |
| दूत | दूतों के | of messengers |
| समुदाई | समूह | groups |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 701
- सहायक विषय
- सुग्रीव-राम-संवाद और सीताजीकी खोजके लिये बंदरोंका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 701, 701
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।