किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पंक न रेनु सोह असि धरनी। नीति निपुन नृप कै जसि करनी।।
मूल पाठ
पंक न रेनु सोह असि धरनी। नीति निपुन नृप कै जसि करनी।।
जल संकोच बिकल भइँ मीना। अबुध कुटुंबी जिमि धनहीना।।
स्रोत अभिलेख 4.16 · पुस्तक पृ. 697, 698
भावार्थ
मूल पाठ के बादन कीचड़ है न धूल; इससे धरती [निर्मल होकर] ऐसी शोभा दे रही है जैसे नीतिनिपुण राजाकी करनी! जलके कम हो जानेसे मछलियाँ व्याकुल हो रही हैं, जैसे मूर्ख (विवेकशून्य) कुटुम्बी (गृहस्थ) धनके बिना व्याकुल होता है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 698 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पंक न रेनु सोह असि धरनी। नीति निपुन नृप कै जसि करनी।।
English explanation
There is neither mud nor dust; the earth looks beautiful, like the conduct of a king skilled in just governance.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पंक | कीचड़ | mud |
| न | नहीं | neither; not |
| रेनु | धूल | dust |
| सोह | शोभित है | looks beautiful |
| असि | ऐसी | in such a way |
| धरनी | धरती | the earth |
| नीति | नीति और शासन-कौशल में | in statecraft and right policy |
| निपुन | निपुण | skilled |
| नृप | राजा | king |
| कै | की | of |
| जसि | जैसी | just like |
| करनी | करनी; आचरण | conduct |
2 जल संकोच बिकल भइँ मीना। अबुध कुटुंबी जिमि धनहीना।।
English explanation
As the water dwindled, the fish became distressed, like an unwise householder deprived of wealth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जल | पानी के | of water |
| संकोच | घटने से | because of dwindling |
| बिकल | व्याकुल | distressed |
| भइँ | हो गईं | became |
| मीना | मछलियाँ | fish |
| अबुध | अविवेकी | unwise |
| कुटुंबी | परिवार वाला गृहस्थ | a householder with a family |
| जिमि | जैसे | like |
| धनहीना | धन से रहित | deprived of wealth |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.16
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 698
- सहायक विषय
- शरद्-ऋतु-वर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 697, 698
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।