किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
त्रेताँ ब्रह्म मनुज तनु धरिही। तासु नारि निसिचर पति हरिही।।
मूल पाठ
त्रेताँ ब्रह्म मनुज तनु धरिही। तासु नारि निसिचर पति हरिही।।
तासु खोज पठइहि प्रभू दूता। तिन्हहि मिलें तैं होब पुनीता।।
स्रोत अभिलेख 4.28 · पुस्तक पृ. 708, 709
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[उन्होंने कहा—] त्रेतायुगमें साक्षात् परब्रह्म मनुष्यशरीर धारण करेंगे। उनकी स्त्रीको राक्षसोंका राजा हर ले जायगा। उसकी खोजमें प्रभु दूत भेजेंगे। उनसे मिलनेपर तू पवित्र हो जायगा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 708 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 त्रेताँ ब्रह्म मनुज तनु धरिही। तासु नारि निसिचर पति हरिही।।
English explanation
The sage said: In the Treta age, Brahman will assume a human body; the king of demons will abduct his wife.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| त्रेताँ | त्रेतायुग में | in the Treta age |
| ब्रह्म | परम ब्रह्म | the supreme Brahman |
| मनुज | मनुष्य का | human |
| तनु | शरीर | body |
| धरिही | धारण करेंगे | will assume |
| तासु | उनकी | his |
| नारि | पत्नी | wife |
| निसिचर | राक्षसों का | of demons |
| पति | राजा, रावण | king, Ravana |
| हरिही | हर ले जाएगा | will abduct |
2 तासु खोज पठइहि प्रभू दूता। तिन्हहि मिलें तैं होब पुनीता।।
English explanation
The Lord will send messengers to search for her; meeting them, you will become purified.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उनकी, सीता की | for her, Sita |
| खोज | खोज में | in search |
| पठइहि | भेजेंगे | will send |
| प्रभू | प्रभु राम | Lord Rama |
| दूता | दूतों को | messengers |
| तिन्हहि | उन दूतों से | those messengers |
| मिलें | मिलने पर | upon meeting |
| तैं | तुम, संपाति | you, Sampati |
| होब | हो जाओगे | will become |
| पुनीता | पवित्र | purified |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 708
- सहायक विषय
- वानरोंका समुद्रतटपर आना, सम्पातीसे भेंट और बातचीत
- मुद्रित पृष्ठ
- 708, 709
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।