किष्किन्धाकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गिरि ते उतरि पवनसुत आवा। सब कहुँ लै सोइ बिबर देखावा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपवनकुमार हनुमान्जी पर्वतसे उतर आये और सबको ले जाकर उन्होंने वह गुफा दिखलायी। सबने हनुमान्जीको आगे कर लिया और वे गुफामें घुस गये, देर नहीं की॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 705 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गिरि ते उतरि पवनसुत आवा। सब कहुँ लै सोइ बिबर देखावा।।
आगें कै हनुमंतहि लीन्हा। पैठे बिबर बिलंबु न कीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 4.24 · पुस्तक पृ. 704, 705
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गिरि ते उतरि पवनसुत आवा। सब कहुँ लै सोइ बिबर देखावा।।
English explanation
Hanuman, the wind-god’s son, came down from the mountain and took everyone along to show them that same cave.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गिरि | पर्वत | the mountain |
| ते | से | from |
| उतरि | उतरकर | having descended |
| पवनसुत | पवनदेव के पुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind-god |
| आवा | आए | came |
| सब | सब | everyone |
| कहुँ | को | to |
| लै | साथ लेकर | taking along |
| सोइ | वही | that same |
| बिबर | गुफा | cave |
| देखावा | दिखाई | showed |
2 आगें कै हनुमंतहि लीन्हा। पैठे बिबर बिलंबु न कीन्हा।।
English explanation
They put Hanuman in front and entered the cave without delay.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आगें | आगे | in front |
| कै | करके | placing |
| हनुमंतहि | हनुमान को | Hanuman |
| लीन्हा | ले लिया | took |
| पैठे | प्रवेश किया | entered |
| बिबर | गुफा में | the cave |
| बिलंबु | देरी | delay |
| न | नहीं | not |
| कीन्हा | की | made |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- किष्किन्धाकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 4.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 705
- सहायक विषय
- सुग्रीव-राम-संवाद और सीताजीकी खोजके लिये बंदरोंका प्रस्थान · गुफामें तपस्विनीके दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 704, 705
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।