उत्तरकाण्ड · दोहा 56 · दोहा
सीतल अमल मधुर जल जलज बिपुल बहुरंग।
सीतल अमल मधुर जल जलज बिपुल बहुरंग।
कूजत कल रव हंस गन गुंजत मंजुल भृंग॥ ५६॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.56 · पुस्तक पृ. 961, 962
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सीतल अमल मधुर जल जलज बिपुल बहुरंग।
एआई-प्रारूप अर्थ: जल शीतल, निर्मल और मधुर है; उसमें अनेक रंगों के बहुत-से कमल हैं।
English explanation
AI-draft meaning: The water is cool, clear, and sweet; it holds abundant lotuses of many colors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीतल | शीतल; ठंडा | cool |
| अमल | निर्मल; मलिनता रहित | clear; free of impurities |
| मधुर | मीठा; स्वाद में सुखद | sweet; pleasant to taste |
| जल | पानी | water |
| जलज | कमल; जल में उत्पन्न फूल | lotuses; water-born flowers |
| बिपुल | बहुत-से; प्रचुर | abundant; numerous |
| बहुरंग | अनेक रंगों वाले | of many colors |
2कूजत कल रव हंस गन गुंजत मंजुल भृंग॥ ५६॥
एआई-प्रारूप अर्थ: हंसों के समूह मधुर स्वर में बोल रहे हैं और मनोहर भौंरे गुंजार कर रहे हैं।
English explanation
AI-draft meaning: Flocks of swans call in sweet tones, and lovely bees hum.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कूजत | बोल रहे हैं; कूज रहे हैं | are calling; are cooing |
| कल | मधुर; सुरीला | sweet; melodious |
| रव | ध्वनि; स्वर | sound; tone |
| हंस | हंस पक्षी | swans |
| गन | समूह; झुंड | groups; flocks |
| गुंजत | गुंजार कर रहे हैं | are humming; are buzzing |
| मंजुल | मनोहर; सुंदर | lovely; charming |
| भृंग | भौंरे | bees |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 56
- स्रोत अभिलेख
- 7.56
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 961, 962
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।