उत्तरकाण्ड · दोहा · दोहा
सगुन होहिं सुंदर सकल मन प्रसन्न सब केर।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दइतनेमें ही सब सुन्दर शकुन होने लगे और सबके मन प्रसन्न हो गये। नगर भी चारों ओरसे रमणीक हो गया। मानो ये सब-के-सब चिह्न प्रभुके [शुभ] आगमनको जना रहे हैं।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 906 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सगुन होहिं सुंदर सकल मन प्रसन्न सब केर।
प्रभु आगवन जनाव जनु नगर रम्य चहुँ फेर॥
स्रोत अभिलेख मंगलाचरण · पुस्तक पृ. 905, 906
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सगुन होहिं सुंदर सकल मन प्रसन्न सब केर।
English explanation
All the omens turned auspicious, and everyone's heart became joyful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सगुन | शकुन | omens |
| होहिं | होते हैं | occur |
| सुंदर | शुभ | auspicious |
| सकल | सभी | all |
| मन | मन | hearts |
| प्रसन्न | प्रसन्न | joyful |
| सब | सबके | everyone's |
| केर | के | of |
2प्रभु आगवन जनाव जनु नगर रम्य चहुँ फेर॥
English explanation
The town, lovely on every side, seemed to announce Lord Rama's arrival.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम का | Lord Rama's |
| आगवन | आगमन | arrival |
| जनाव | सूचित करता है | announces |
| जनु | मानो | as though |
| नगर | नगर | the town |
| रम्य | रमणीय | lovely |
| चहुँ | चारों | all four |
| फेर | ओर | sides |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा
- स्रोत अभिलेख
- मंगलाचरण
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 906
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 905, 906
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