उत्तरकाण्ड · दोहा 15 · दोहा
ब्रह्मानंद मगन कपि सब कें प्रभु पद प्रीति।
ब्रह्मानंद मगन कपि सब कें प्रभु पद प्रीति।
जात न जाने दिवस तिन्ह गए मास षट बीति॥ १५॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.15 · पुस्तक पृ. 925, 925
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1ब्रह्मानंद मगन कपि सब कें प्रभु पद प्रीति।
एआई प्रारूप: सभी वानर ब्रह्मानंद में मग्न थे; उन सबको प्रभु के चरणों से प्रेम था।
English explanation
AI draft: All the monkeys were absorbed in divine bliss; each loved the Lord’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्रह्मानंद | ब्रह्म का आनंद; परम आध्यात्मिक आनंद | the bliss of Brahman; supreme spiritual bliss |
| मगन | मग्न, डूबे हुए | absorbed, immersed |
| कपि | वानर | monkeys |
| सब | सभी | all |
| कें | को; सबके हृदय में | in each one; all had |
| प्रभु | प्रभु श्रीराम | the Lord, Rama |
| पद | चरणों के प्रति | toward the feet |
| प्रीति | प्रेम | love |
2जात न जाने दिवस तिन्ह गए मास षट बीति॥ १५॥
एआई प्रारूप: उन्हें दिन बीतने का पता ही नहीं चला; छह महीने बीत गए।
English explanation
AI draft: They did not notice the days passing; six months went by.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जात | बीतते हुए | passing |
| न | नहीं | not |
| जाने | जान पाए; ध्यान दिया | noticed; were aware |
| दिवस | दिन | days |
| तिन्ह | उन्होंने; उन वानरों ने | they; those monkeys |
| गए | गुज़र गए | went by |
| मास | महीने | months |
| षट | छह | six |
| बीति | बीतकर; बीत गए | having elapsed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 15
- स्रोत अभिलेख
- 7.15
- सहायक विषय
- राम-राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 925, 925
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।