उत्तरकाण्ड · दोहा 14 (ख) · दोहा
बरनि उमापति राम गुन हरषि गए कैलास।
बरनि उमापति राम गुन हरषि गए कैलास।
तब प्रभु कपिन्ह दिवाए सब बिधि सुखप्रद बास॥ १४ (ख)॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.14 · पुस्तक पृ. 923, 924
भावार्थ और शब्दार्थ
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1बरनि उमापति राम गुन हरषि गए कैलास।
उमापति शिव राम के गुणों का वर्णन करके प्रसन्न होकर कैलास चले गए।
English explanation
Shiva, Uma’s husband, described Rama’s virtues and joyfully departed for Mount Kailash.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरनि | वर्णन करके | having described |
| उमापति | उमा के पति शिव | Shiva, husband of Uma |
| राम | प्रभु राम के | of Lord Rama |
| गुन | गुण | virtues |
| हरषि | प्रसन्न होकर | joyfully |
| गए | चले गए | departed |
| कैलास | कैलास पर्वत, शिव का निवास | Mount Kailash, Shiva’s abode |
2तब प्रभु कपिन्ह दिवाए सब बिधि सुखप्रद बास॥ १४ (ख)॥
तब प्रभु राम ने वानरों को हर प्रकार से सुख देने वाले आवास दिलवाए।
English explanation
Then Lord Rama had lodgings provided for the monkeys that afforded comfort in every way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| कपिन्ह | वानरों को | to the monkeys |
| दिवाए | दिलवाए | had provided |
| सब | सभी; यहाँ हर | all; here, every |
| बिधि | प्रकार; ‘सब बिधि’ अर्थात हर प्रकार से | way; ‘in every way’ with the preceding word |
| सुखप्रद | सुख देने वाले | comfort-giving |
| बास | आवास, रहने के स्थान | lodgings, places to stay |
| ख | दोहा १४ के दूसरे भाग का संदर्भ-चिह्न | reference marker for the second part of couplet 14 |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 14 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 7.14
- सहायक विषय
- राम-राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 923, 924
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।