उत्तरकाण्ड · दोहा 103 (ख) · दोहा
प्रगट चारि पद धर्म के कलि महुँ एक प्रधान।
प्रगट चारि पद धर्म के कलि महुँ एक प्रधान।
जेन केन बिधि दीन्हें दान करइ कल्यान॥ १०३ (ख)॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.103 · पुस्तक पृ. 1005, 1006
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1प्रगट चारि पद धर्म के कलि महुँ एक प्रधान।
एआई द्वारा तैयार अर्थ: धर्म के चार चरण प्रसिद्ध हैं; कलियुग में उनमें से एक प्रधान है।
English explanation
AI-drafted meaning: Dharma has four recognized pillars; in the age of Kali, one of them is foremost.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रगट | प्रसिद्ध हैं | are recognized |
| चारि | चार | four |
| पद | चरण या आधार | pillars or supports |
| धर्म | धर्म | dharma, righteous conduct |
| के | के | of |
| कलि | कलियुग | the age of Kali |
| महुँ | में | in |
| एक | एक चरण | one pillar |
| प्रधान | प्रमुख है | is foremost |
2जेन केन बिधि दीन्हें दान करइ कल्यान॥ १०३ (ख)॥
एआई द्वारा तैयार अर्थ: किसी भी प्रकार से दिया गया दान कल्याण करता है।
English explanation
AI-drafted meaning: Charity given in whatever manner brings well-being.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेन | जिस किसी | whatever |
| केन | भी | soever |
| बिधि | प्रकार से | in a manner |
| दीन्हें | दिए जाने पर | when given |
| दान | दान | charity |
| करइ | करता है | brings about |
| कल्यान | कल्याण | well-being |
| ख | दोहा १०३ का संदर्भ-चिह्न (ख) | reference marker (b) for couplet 103 |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 103 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 7.103
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिका अपनी पूर्वजन्मकथा और कलिमहिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1005, 1006
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।