उत्तरकाण्ड · दोहा 66 (ख) · दोहा
कपिहि तिलक करि प्रभु कृत सैल प्रबरषन बास।
कपिहि तिलक करि प्रभु कृत सैल प्रबरषन बास।
बरनन बर्षा सरद अरु राम रोष कपि त्रास॥ ६६ (ख)॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.66 · पुस्तक पृ. 969, 970
भावार्थ और शब्दार्थ
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1कपिहि तिलक करि प्रभु कृत सैल प्रबरषन बास।
सुग्रीव का राजतिलक करके प्रभु राम ने प्रबरषन पर्वत पर निवास किया।
English explanation
After installing Sugriva as king, Lord Rama resided on Mount Prabarashan.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपिहि | वानर सुग्रीव को | to Sugriva, the vanara |
| तिलक | राजतिलक; राज्याभिषेक | royal anointing; coronation |
| करि | करके | having performed |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| कृत | किया | made; undertook |
| सैल | पर्वत पर | on the mountain |
| प्रबरषन | प्रबरषन नामक पर्वत | the mountain named Prabarashan |
| बास | निवास | residence |
2बरनन बर्षा सरद अरु राम रोष कपि त्रास॥ ६६ (ख)॥
फिर वर्षा और शरद ऋतुओं का वर्णन, राम के क्रोध और सुग्रीव के भय का प्रसंग कहा।
English explanation
Next were described the rainy and autumn seasons, Rama’s anger, and Sugriva’s fear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरनन | वर्णन | description; narration |
| बर्षा | वर्षा ऋतु | the rainy season |
| सरद | शरद ऋतु | autumn |
| अरु | और | and |
| राम | प्रभु राम का | of Lord Rama |
| रोष | क्रोध | anger |
| कपि | वानर सुग्रीव का | of Sugriva, the vanara |
| त्रास | भय; घबराहट | fear; alarm |
| ख | पद-संदर्भ का चिह्न (ख) | verse-reference marker (ख) |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 66 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 7.66
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 969, 970
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।