उत्तरकाण्ड · दोहा 19 (ख) · दोहा
अस कहि चलेउ बालिसुत फिरि आयउ हनुमंत।
अस कहि चलेउ बालिसुत फिरि आयउ हनुमंत।
तासु प्रीति प्रभु सन कही मगन भए भगवंत॥ १९ (ख)॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 7.19 · पुस्तक पृ. 928, 929
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1अस कहि चलेउ बालिसुत फिरि आयउ हनुमंत।
ऐसा कहकर बालि का पुत्र अंगद चला गया; हनुमान लौट आए।
English explanation
Having said this, Angada, Bali’s son, departed; Hanuman returned.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus; this |
| कहि | कहकर | having said |
| चलेउ | चला गया | departed |
| बालिसुत | बालि का पुत्र अंगद | Angada, son of Bali |
| फिरि | लौटकर | back |
| आयउ | आए | came |
| हनुमंत | हनुमान | Hanuman, Rama’s devoted servant |
2तासु प्रीति प्रभु सन कही मगन भए भगवंत॥ १९ (ख)॥
हनुमान ने अंगद की प्रीति प्रभु राम से कही; भगवान राम भावमग्न हो गए।
English explanation
Hanuman told Lord Rama of Angada’s love, and the Lord became deeply absorbed in emotion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उसकी; अंगद की | his; Angada’s |
| प्रीति | प्रेम | love |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| सन | से | to |
| कही | बताई; वर्णन किया | recounted; told |
| मगन | भावमग्न | absorbed in emotion |
| भए | हो गए | became |
| भगवंत | भगवान राम | the Lord, Rama |
| ख | पद-संदर्भ चिह्न (ख) | verse reference marker (b) |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- दोहा 19 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 7.19
- सहायक विषय
- वानरोंकी और निषादकी विदाई
- मुद्रित पृष्ठ
- 928, 929
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।