उत्तरकाण्ड · छंद · छंद
सुंदर सुजान कृपा निधान अनाथ पर कर प्रीति जो।
मूल पाठ
सुंदर सुजान कृपा निधान अनाथ पर कर प्रीति जो।
सो एक राम अकाम हित निर्बानप्रद सम आन को।।
जाकी कृपा लवलेस ते मतिमंद तुलसीदासहूँ।
पायो परम बिश्रामु राम समान प्रभु नाहीं कहूँ।।3।।
स्रोत अभिलेख 7.13 · पुस्तक पृ. 1044, 1047
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[परम] सुन्दर, सुजान और कृपानिधान तथा जो अनाथोंपर प्रेम करते हैं, ऐसे एक श्रीरामचन्द्रजी ही हैं। इनके समान निष्काम (नि:स्वार्थ) हित करनेवाला (सुहृद्) और मोक्ष देनेवाला दूसरा कौन है? जिनकी लेशमात्र कृपासे मन्दबुद्धि तुलसीदासने भी परम शान्ति प्राप्त कर ली, उन श्रीरामजीके समान प्रभु कहीं भी नहीं हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1046 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सुंदर सुजान कृपा निधान अनाथ पर कर प्रीति जो।
English explanation
He who is beautiful, wise, a treasury of compassion, and loving toward the helpless—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| सुजान | सुज्ञ, भलीभाँति जानने वाले | wise, discerning |
| कृपा | करुणा के | of compassion |
| निधान | भंडार | treasury |
| अनाथ | असहायों | the helpless |
| पर | पर | toward |
| कर | करते हैं | shows |
| प्रीति | प्रेम | love |
| जो | जो | who |
2 सो एक राम अकाम हित निर्बानप्रद सम आन को।।
English explanation
That is Rama alone, who benefits others without self-interest and grants liberation; who else is his equal?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | वही | that one |
| एक | एकमात्र | alone |
| राम | राम | Rama |
| अकाम | बिना स्वार्थ या अपेक्षा | without self-interest |
| हित | हित करने वाले | benefactor |
| निर्बानप्रद | मोक्ष देने वाले | granting liberation |
| सम | समान | equal |
| आन | दूसरा | another |
| को | कौन | who |
3 जाकी कृपा लवलेस ते मतिमंद तुलसीदासहूँ।
English explanation
Through the tiniest fraction of whose grace, even dull-witted Tulsidas—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाकी | जिनकी | whose |
| कृपा | कृपा | grace |
| लवलेस | अत्यंत छोटा अंश | the tiniest fraction |
| ते | से | through |
| मतिमंद | मंदबुद्धि | dull-witted |
| तुलसीदासहूँ | तुलसीदास ने भी | even Tulsidas |
4 पायो परम बिश्रामु राम समान प्रभु नाहीं कहूँ।।3।।
English explanation
Has attained supreme repose; nowhere is there a lord equal to Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पायो | प्राप्त किया | attained |
| परम | सर्वोच्च | supreme |
| बिश्रामु | विश्राम, शांति | repose, peace |
| राम | राम के | Rama |
| समान | समान | equal to |
| प्रभु | स्वामी | lord |
| नाहीं | नहीं हैं | there is none |
| कहूँ | कहीं भी | anywhere |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 7.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1046
- सहायक विषय
- रामायण-माहात्म्य, तुलसी-विनय और फलस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 1044, 1047
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।