उत्तरकाण्ड · छंद · छंद
पाई न केहिं गति पतित पावन राम भजि सुनु सठ मना।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअरे मूर्ख मन! सुन, पतितोंको भी पावन करनेवाले श्रीरामको भजकर किसने परमगति नहीं पायी? गणिका, अजामिल, व्याध, गीध, गज आदि बहुत-से दुष्टोंको उन्होंने तार दिया। आभीर, यवन, किरात, खस, श्वपच (चाण्डाल) आदि जो अत्यन्त पापरूप ही हैं, वे भी केवल एक बार जिनका नाम लेकर पवित्र हो जाते हैं, उन श्रीरामजीको मैं नमस्कार करता हूँ॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1045 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पाई न केहिं गति पतित पावन राम भजि सुनु सठ मना।
गनिका अजामिल ब्याध गीध गजादि खल तारे घना।।
आभीर जमन किरात खस स्वपचादि अति अघरूप जे।
कहि नाम बारक तेपि पावन होहिं राम नमामि ते।।1।।
स्रोत अभिलेख 7.13 · पुस्तक पृ. 1044, 1047
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1पाई न केहिं गति पतित पावन राम भजि सुनु सठ मना।
English explanation
Listen, foolish mind! Who has not attained liberation by worshipping Rama, purifier of the fallen?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पाई | प्राप्त की | attained |
| न | नहीं | not |
| केहिं | किसने | who |
| गति | मुक्ति | liberation |
| पतित | पतितों को | the fallen |
| पावन | पवित्र करने वाले | purifying |
| राम | राम को | Rama |
| भजि | भजकर | having worshipped |
| सुनु | सुन | listen |
| सठ | मूर्ख | foolish |
| मना | हे मन | O mind |
2 गनिका अजामिल ब्याध गीध गजादि खल तारे घना।।
English explanation
He delivered the courtesan, Ajamila, the hunter, the vulture, the elephant, and many wicked people.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गनिका | गणिका, वेश्या | the courtesan |
| अजामिल | अजामिल, उद्धार पाने वाला पापी | Ajamila, a sinner who was delivered |
| ब्याध | शिकारी | the hunter |
| गीध | गिद्ध, जटायु | the vulture Jatayu |
| गजादि | हाथी गजेंद्र आदि | the elephant Gajendra and others |
| खल | दुष्टों को | wicked people |
| तारे | उद्धार किया | delivered |
| घना | अनेक | many |
3 आभीर जमन किरात खस स्वपचादि अति अघरूप जे।
English explanation
Abhiras, Yavanas, Kiratas, Khasas, and Shvapachas and others, described here as deeply sinful—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आभीर | आभीर समुदाय | the Abhira community |
| जमन | यवन समुदाय | the Yavana community |
| किरात | किरात, वन-पर्वतीय समुदाय | Kiratas, forest and mountain peoples |
| खस | खस, हिमालयी समुदाय | Khasas, a Himalayan people |
| स्वपचादि | श्वपच आदि, परंपरागत बहिष्कृत वर्ग | Shvapachas and other traditionally outcast groups |
| अति | अत्यंत | extremely |
| अघरूप | पापमय कहे गए | described as sinful |
| जे | जो | who |
4 कहि नाम बारक तेपि पावन होहिं राम नमामि ते।।1।।
English explanation
By uttering the name even once, they too become pure. O Rama, I bow to you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहि | कहकर | uttering |
| नाम | राम का नाम | Rama’s name |
| बारक | एक बार | once |
| तेपि | वे भी | they too |
| पावन | पवित्र | pure |
| होहिं | हो जाते हैं | become |
| राम | हे राम | O Rama |
| नमामि | मैं प्रणाम करता हूँ | I bow |
| ते | आपको | to you |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 7.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1045
- सहायक विषय
- रामायण-माहात्म्य, तुलसी-विनय और फलस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 1044, 1047
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।